वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में स्टार स्पिनर कुलदीप यादव को लगातार मैचों से बाहर रखने पर पूर्व दिग्गज खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय टीम मैनेजमेंट पर सवाल खड़े किए हैं। अश्विन का कहना है कि जब सामने वाली टीम के बल्लेबाज कुलदीप की गेंदबाजी को समझ नहीं पा रहे हैं और उन्हें खेलने में परेशानी हो रही है, तो ऐसे में उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर बैठाना बिल्कुल भी समझदारी नहीं है। बता दें कि कुलदीप को लखनऊ और रांची में खेले गए शुरुआती दो मुकाबलों के बाद इंदौर और हैदराबाद के मैचों की प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया था।
हैदराबाद टी20 मैच में टीम इंडिया को मिली थी हार
हैदराबाद के स्टेडियम में खेले गए भारत और वेस्टइंडीज के बीच चौथे टी20 मैच में टीम इंडिया की गेंदबाजी बेहद कमजोर नजर आई। इस मैच में वेस्टइंडीज ने 20 ओवरों में 247 रनों का बहुत बड़ा स्कोर बना दिया और भारत यह मुकाबला 24 रनों से हार गया। इस हार के बाद पांच मैचों की सीरीज अब 2-2 से बराबर हो गई है। इसे लेकर पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर हैरानी जताई है कि टीम मैनेजमेंट कुलदीप यादव पर भरोसा क्यों नहीं कर रहा है।
कुलदीप को बाहर रखने वाले फैसले पर अश्विन ने क्या कहा?
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि यह फैसला बहुत हैरान करने वाला है। जिस मैदान पर गेंद को अच्छी उछाल मिलने की उम्मीद थी, वहां वेस्टइंडीज के बल्लेबाज कुलदीप की लेग-स्पिन और गुगली को बिल्कुल समझ नहीं पा रहे थे और काफी परेशान हो रहे थे। ऐसे में अगर आप उसी टीम के खिलाफ कुलदीप को बाहर बैठाते हैं, जो उनकी गेंदों को पढ़ ही नहीं पा रही है, तो इस फैसले में साफ तौर पर कॉमन सेंस की कमी दिखती है। अश्विन का मानना था कि हैदराबाद जैसे बड़े स्कोर वाले मैच में अगर कुलदीप खेल रहे होते, तो वह 15 से 20 रन बचा सकते थे, जिससे मैच का नतीजा भारत के पक्ष में आ सकता था।
शुरुआत के दो मैचों में कैसा था अश्विन का प्रदर्शन?
अश्विन ने बताया कि कुलदीप यादव ने पहले टी20 मैच में 33 रन देकर 2 विकेट लिए थे, जबकि रांची में खेले गए दूसरे मैच में उन्होंने 53 रन दिए थे और भारत वह मुकाबला हार गया था। इस पर बात करते हुए अश्विन ने कहा कि अगर इंदौर के छोटे मैदान की छोटी बाउंड्री को ध्यान में रखकर कुलदीप को नहीं खिलाया गया, तो उस फैसले को ठीक माना जा सकता है। लेकिन ऐसा माहौल बनाना कि रांची में भारत की हार की सिर्फ कुलदीप की वजह से हुई, बिल्कुल गलत है। हार का सारा ठीकरा अकेले कुलदीप पर फोड़ना सही नहीं है।
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