Moonga Stone Benefits: ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व बताया गया है और हर ग्रह से जुड़ा एक खास रत्न माना जाता है। ऐसे ही खास रत्नों में से एक है मूंगा, जिसे मंगल ग्रह का रत्न कहा जाता है। मान्यता है कि सही विधि और उचित समय पर मूंगा धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। यह न केवल आत्मविश्वास और साहस बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि करियर और रिश्तों में भी सुधार ला सकता है। जानिए मूंगा रत्न कौन धारण कर सकता है और इसे पहनने के क्या फायदे हैं।
क्या है मूंगा रत्न?
मूंगा रत्न का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है, जो ऊर्जा, साहस और शक्ति का प्रतीक है। मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगल होते हैं, इसलिए इस राशि के लोगों के लिए यह रत्न विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
कैसे करें धारण मूंगा?
मूंगा रत्न को मंगलवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है, खासकर शुक्ल पक्ष में। इसे सुबह सूर्योदय के बाद पहनना बेहतर होता है। इस रत्न को तांबे या सोने की अंगूठी में जड़वाकर दाएं हाथ की अनामिका उंगली में पहनना चाहिए। पहनने से पहले इसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करना जरूरी होता है।
कौन पहन सकता है मूंगा?
ज्योतिष के अनुसार मेष और वृश्चिक राशि के लोग मूंगा धारण कर सकते हैं। इसके अलावा, जिनकी कुंडली में मंगल कमजोर होता है, वे भी इसे पहन सकते हैं। हालांकि, रत्न धारण करने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
असली मूंगा की पहचान
मूंगा खरीदते समय उसकी पहचान करना बहुत जरूरी है। असली मूंगा गहरे लाल या सिंदूरी रंग का होता है और इसकी सतह चिकनी होती है। इसे पानी या दूध में डालने पर यह डूब जाता है। वहीं, असली मूंगा पर पानी की बूंद टिक जाती है, जबकि नकली पर फिसल जाती है।
मूंगा पहनने के फायदे
- मानसिक शांति मिलती है
- मांगलिक दोष से मुक्ति मिलती है
- त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभकारी
- करियर में सफलता और उन्नति में मदद करता है
- आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है
- रिश्तों में सुधार और सामंजस्य आता है
- नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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