Navratri Ghatsthapna Vidhi: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू होगा। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। घटस्थापना या कलश स्थापना नवरात्रि की शुरुआत का प्रतीक है। साथ ही घट को सृष्टि के गर्भ, समृद्धि और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर नवरात्रि के पहले दिन घट की स्थापना सही विधि से की गई हो तो शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। आइए ऐसे में जान लेते हैं स्टेप बाय स्टेप घटस्थापना की विधि।
घटस्थपना की विधि
घटस्थापना करने से पहले आपको घटस्थापना से जुड़ी आवश्यक सामग्री एकत्रित कर लेनी चाहिए। आवश्यक सामग्री में- कलश, मिट्टी, पानी, जौ, नारियल, आम के पत्ते, लाल वस्त्र, अक्षत, कुमकुम, फूल, धूप, दीपक आदि शामिल हैं। इन सामग्रियों के साथ ही आपको घटस्थापना शुरू करनी चाहिए।
घटस्थापना का पहला स्टेप
घटस्थापना का सबसे पहला चरण है आत्मा और शरीर की शुद्धि। इसलिए स्थापना करने से पहले स्नान-ध्यान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
दूसरा स्टेप
खुद स्वच्छ होने के बाद आपको पूजा स्थल की भी सफाई करनी चाहिए। साथ ही पूजा स्थल पर गंगाजल भी छिड़कना चाहिए। घटस्थापना और दुर्गा पूजन के लिए अगर उत्तर-पूर्व दिशा यानि ईशान कोण का चुनाव करेंगे तो शुभ रहेगा।
तीसरा स्टेप
पूजा स्थल की सफाई के बाद एक स्वच्छ वस्त्र बिछाएं और माता रानी के लिए वेदी तैयार करें। इस वेदी पर माता रानी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
चौथा स्टेप
अब किसी पात्र या फिर साफ जमीन पर मिट्टी रखें जिसपर आपको जौ बोने हैं। इसके बाद इस मिट्टी पर जल छिड़कर जौ बो दें।
पांचवां स्टेप
एक कलश को लें इस के बाहरी भाग पर कुमकुम से ओम और स्वस्तिक का चिह्न बनाएं। अब कलश में सिक्का, हल्दी, सुपारी आदि डालें। इसके बाद कलश में स्वच्छ जल भर दें। इसके बाद कलश के मुख पर आम के 5 पत्ते लगा दें।
छठा स्टेप
एक लाल कपड़े में लपेटा हुआ नारियल लेकर उसे कलश के मुख पर रख दें। इस तरह घट स्थापित आप कर लेते हैं। घट को देवी की दिव्य चेतना का प्रतीक भी माना गया है।
सातवां स्टेप
अब इस कलश को बोए गए जौ के बीच में स्थापित कर दें। या फिर आप इस कलश को माता के पास चौकी पर भी रख सकते हैं।
आठवां स्टेप
घट को स्थापित करने के बाद धूप-दीप जलाकर माता की आराधना करें। मां शैलपुत्री की पूजा करें और मां दुर्गा के मंत्रों का जप करें।
संकल्प
जो लोग नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रत लेने वाले हैं उन्हें घटस्थापना के साथ ही हाथ में जल लेकर नौ दिनो तक व्रत लेने का संकल्प भी लेना चाहिए। हर धार्मिक पूजा में संकल्प का भी बड़ा महत्व है। माना जाता है कि संकल्प लेने से दैवीय शक्ति उस संकल्प को पूरा करने की ऊर्जा आपको प्रदान करती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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