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Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि की समाप्ति के बाद जौ का क्या करना है? क्या इसे विसर्जित कर देना है

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Mar 27, 2026 12:46 pm IST,  Updated : Mar 27, 2026 12:50 pm IST

नवरात्रि पर्व के पहले दिन श्रद्धालु कलश स्थापना के साथ जौ भी बोते हैं जिनका माता रानी की पूजा में विशेष महत्व माना जाता है। जब नवरात्रि पर्व का समापन होता है तो कई लोग असमंजस में रहते हैं कि आखिर अब जौ का करना क्या है। चलिए आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से यहां।

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नवरात्रि की समाप्ति के बाद जौ का क्या करना है? Image Source : CANVA

Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि पर्व में जौ का विशेष महत्व माना गया है। यही कारण है कि इस दौरान ज्यादातर श्रद्धालु जौ जरूर बोते हैं। ऐसी मान्यता है कि जौ के रंग और आकार को देखकर आने वाले समय के बारे में कई तरह के संकेत मिलते हैं। जैसे अगर जौ हरे और घने उगते हैं तो इसका अर्थ है कि घर में सुख-समृद्धि की कोई कमी नहीं रहेगी। अगर जौ सफेद रंग के उगते हैं तो इसका मतलब है कि कोई बड़ी उपलब्धि मिलने वाली है। वहीं अगर जौ मुरझाए हुए या बहुत ही कम निकलते हैं तो इसका मतलब होता है कि आने वाले समय में आपकी स्थिति बिगड़ सकती है। लेकिन अब सवाल ये आता है कि आखिर नवरात्रि के समापन के बाद जौ का करना क्या है। चलिए इस बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

नवरात्रि की समाप्ति के बाद जौ का क्या करें?

नवरात्रि के दसवें दिन सुबह स्नान के बाद देवी दुर्गा की विधि विधान पूजा करें। इसके बाद कलश और जौ को भी दीपक दिखाएं और माता रानी से पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा प्रार्थना करें। फिर बहुत ही आदर के साथ जौ को उठाएं और उसे किसी नदी या तालाब में विसर्जित कर दें। अगर आपके घर के आस-पास नदी या तालाब नहीं है तो आप जौ को पीपल या बरगद के पेड़ के नीचे भी रख सकते हैं। इसके अलावा आप इन्हें घर के किसी बड़े गमले की मिट्टी में भी मिला सकते हैं ताकि वे खाद बन जाएं। कई जगहों पर जौ का विसर्जन करने से पहले कुछ विशेष परंपराएं भी निभाई जाती है। जिसके तहत घर के पुरुष सदस्य और बच्चे कुछ जौ के तिनकों को अपने कान के पीछे रखते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से अच्छे स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा कुछ हरे जौ के तिनकों को लाल कपड़े में लपेटकर घर की तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर भी रखा जाता है। कहते हैं ऐसा करने से साल भर बरकत बनी रहती है।

जौ का विसर्जन कब करें (Jau Ka Visarjan kab Kare 2026)

जौ का विसर्जन 28 मार्च 2026 की सुबह में 8 बजकर 45 मिनट से पहले कर दें क्योंकि इतने बजे तक ही दशमी तिथि रहेगी। इसके बाद एकादशी लग जाएगी।

जौ को लेकर न करें ये गलती

जौ को कभी भी कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए। अगर आपको समझ नहीं आ रहा है कि इसका विसर्जन कहां करें तो अपने घर के गमले या बगीचे की मिट्टी में इन्हें दबा दें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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