हस्तरेखा शास्त्र में अंघूठे को व्यक्ति की इच्छाशक्ति के साथ ही तर्कशक्ति को दर्शाने वाला भी माना जाता है। अंगूठे की बनावट के साथ ही अंगूठे के पर्वों पर बने निशान भी व्यक्ति के बारे में काफी कुछ बताते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि अंगूठे के प्रथम पर्व पर कौन से चिह्न व्यक्ति को जिज्ञासु बनाते हैं और इनके होने से कैसे परिणाम व्यक्ति को जीवन में मिल सकते हैं।
अंगूठे के पहले पर्व पर त्रिकोण का चिह्न
हस्तरेखा शास्त्र की मानें तो अंगूठे के पहले पर्व पर त्रिकोण का निशान बेहद शुभ माना जाता है। जिन लोगों के अंगूठे पर ये नजर आता है वो तर्कशील और जिज्ञासु प्रकृति के होते हैं। ऐसे लोग हर चीज को जानने के लिए तह तक जाना पसंद करते है, यही वजह है कि अनुसंधान के क्षेत्र में इनको मनचाहे परिणाम मिल सकते हैं। ऐसे लोग विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ऊंचाइयों तक भी पहुंच सकते हैं और इसकी वजह इनकी तार्किक बुद्धि होती है। ऐसे लोग नाप-तोल और हिसाब-किताब करने के मामले में भी बहुत अच्छे माने जाते हैं। समाज में मान-सम्मान की भी प्राप्ति इनको हो सकती है।
अंगूठे के प्रथम पर्व पर सीधी खड़ी रेखाएं
हस्तरेखा शास्त्र में अंगूठे के प्रथम पर्व पर दो या 3 सीधी खड़ी रेखाएं भी शुभता का प्रतीक मानी जाती हैं। इन रेखाओं का अर्थ होता है कि व्यक्ति की इच्छाशक्ति मजबूत होगी। ऐसे लोग जो ठान लेते हैं उसे हासिल करने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। इसके साथ ही हर चीज को जानने की जिज्ञासा इनके अंदर भी कूट-कूटकर भरी होती है। विज्ञान, अनुसंधान के क्षेत्र में ऐसे लोगों को भी उपलब्धियां प्राप्त होने की पूरी संभावना होती है।
अंगूठे के प्रथम पर्व पर वृत्त का चिह्न
वृत्त यानि गोलाकार चिह्न भी अंगूठे के प्रथम पर्व पर बहुत अच्छा माना जाता है। इस चिह्न का अर्थ होता है कि व्यक्ति अपने इरादों का पक्का होगा। ऐसे लोग जो वादा करते हैं उसको निभाने का दम भी रखते हैं। इनके जीवन में भले ही उतार-चढ़ाव आएं लेकिन अपने लक्ष्यों से ऐसे लोग भटकते नहीं हैं। विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में भी इनकी रुचि होती है और इन क्षेत्रों में सफल भी ऐसे लोग हो सकते हैं। अंगूठे पर बने चिह्नों के अलावा अगर आप जानना चाहते हैं कि हथेली के कौन से पर्वत धन का राज खोलते हैं तो इस बारे में विस्तार से हमारी वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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