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पापांकुशा एकादशी कथा: व्रत को पूर्ण बनाती है यह कथा, जरूर करें इसका पाठ

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Oct 22, 2026 07:24 am IST,  Updated : Oct 22, 2026 07:24 am IST

आज पापांकुशा एकादशी है। मान्यता है इस एकादशी का व्रत रखने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं यह एकादशी व्रत तभी पूर्ण माना जाता है जब इस व्रत की कथा जरूर पढ़ी जाए।

Papankusha Ekadashi Vrat Katha- India TV Hindi
पापांकुशा एकादशी कथा Image Source : INDIA TV

Papankusha Ekadashi Vrat Katha: आश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार ये एकादशी 22 अक्टूबर को मनाई जा रही है। मान्यता है इस एकादशी का व्रत रखने से मनुष्य को अनेकों अश्वमेघ और सूर्य यज्ञ करने के समान फल की प्राप्ति होती है। कहते हैं भगवान कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को इसका महत्व बताते हुए कहा था कि ये एकादशी व्रत सभी पापों का निरोध करता है। साथ ही व्रत रखने वाले व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। चलिए जानते हैं इस एकादशी की पावन कथा के बारे में यहां।

पापांकुशा एकादशी व्रत कथा

पापांकुशा एकादशी की कथा अनुसार, प्राचीन समय में विंध्य पर्वत पर क्रोधन नामक एक बहेलिया रहा करता था जो कि बड़ा क्रूर था। उसका सारा जीवन हिंसा, लूटपाट, मदिरापान और गलत कर्मों में बीता। लेकिन जब उसका अंतिम समय आया तब यमराज के दूत ने बहेलिये से कहा कि कल तुम्हारे जीवन का अंतिम दिन है। अत: हम तुम्हें कल लेने आएंगे। यह बात सुनकर बहेलिया डर गया और तुरंत महर्षि अंगिरा के आश्रम में पहुंचा और उनके चरणों पर गिरकर प्रार्थना करने लगा कि हे ऋषिवर! मैंने जीवन भर पाप कर्म किए हैं। कृपा कर मुझे कोई ऐसा उपाय बताएं, जिससे मेरे सभी पापों का नाश हो जाए और मुझे मोक्ष की प्राप्ति हो सके।

बहेलिया के काफी निवेदन करने पर महर्षि अंगिरा ने उसे आश्विन शुक्ल की पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी। महर्षि अंगिरा के कहे अनुसार उस बहेलिए ने पूरी विधि विधान से यह व्रत किया।जिससे उसने अपने सारे पापों से छुटकारा पा लिया और अंत में उसे विष्णु लोक की प्राप्ति हुई। 

पापांकुशा एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

  • ब्रह्म मुहूर्त - 04:45 AM से 05:35 AM
  • प्रातः सन्ध्या - 05:10 AM से 06:26 AM
  • अभिजित मुहूर्त - 11:43 AM से 12:28 PM
  • विजय मुहूर्त - 01:58 PM से 02:44 PM
  • गोधूलि मुहूर्त - 05:45 PM से 06:10 PM
  • सायाह्न सन्ध्या - 05:45 PM से 07:01 PM
  • अमृत काल - 01:18 PM से 02:58 PM
  • निशिता मुहूर्त - 11:40 पी एम से 12:31 AM, अक्टूबर 23

पापांकुशा एकादशी व्रत के फायदे

  • कहते हैं इस व्रत को रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
  • इस पूजन से मनुष्य को स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है।
  • कहते हैं पापांकुशा एकादशी के दिन प्रभु का स्मरण करने से सभी क्लेशों और पापों का शमन हो जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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