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पितृ पक्ष में नए कपड़े और नई चीजें खरीदनी चाहिए या नहीं? जानें क्या है खरीदारी के सही नियम

 Written By: Arti Azad
 Published : Sep 13, 2026 07:53 am IST,  Updated : Sep 13, 2026 07:53 am IST

पितृ पक्ष को लेकर कई तरह के नियम और मान्यताएं प्रचलित हैं। खासतौर पर खरीदारी और पहनावे को लेकर इस दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। चलिए जानते हैं पितृ पक्ष में खरीदारी के नियम क्या है।

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पितृ पक्ष में खरीदारी के नियम Image Source : PINTEREST

पितृ पक्ष का समय पूर्वजों के स्मरण, तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान कई तरह के शुभ कार्यों से दूरी रखने की सलाह दी जाती है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या पितृ पक्ष में नए कपड़े या दूसरी नई चीजें खरीदी जा सकती हैं। तो चलिए जानते हैं साल 2026 में श्राद्ध पक्ष कब से शुरू होने जा रहे हैं और इस दौरान खरीदारी से जुड़े धार्मिक नियम और मान्यताएं।

पितृ पक्ष में खरीदारी का नियम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में नई चीजें खरीदने पर पूरी तरह रोक नहीं है। इस अवधि में बड़ी और महंगी चीजों की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। गहने, नए कपड़े, वाहन, मकान-जमीन और लोहे से जुड़ी वस्तुओं को इस दौरान खरीदना शुभ नहीं माना जाता।

ऐसी मान्यता है कि पितृ पक्ष का समय दिखावे और भौतिक सुख-सुविधाओं के बजाय पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का होता है। इसलिए इस दौरान गैर-जरूरी खरीदारी से बचना बेहतर माना जाता है। वहीं रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदना जरूरी हो तो इसे पूरी तरह निषिद्ध नहीं माना गया है।

क्यों नहीं होते मांगलिक काम?

पितृ पक्ष में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों को आमतौर पर नहीं किया जाता। इसकी वजह यह है कि यह अवधि पूर्वजों के तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे कर्मों के लिए समर्पित मानी जाती है। पितृ पक्ष का वातावरण शांत और संयमित रखने की परंपरा है, जबकि मांगलिक आयोजनों में उत्सव और उल्लास का माहौल होता है। इसलिए इस अवधि में ऐसे आयोजनों से बचने की सलाह दी जाती है।

पहनावे का भी रखें ध्यान

पितृ पक्ष में सादे और सात्विक कपड़े पहनना अच्छा माना जाता है। श्राद्ध, तर्पण या पूजा के दौरान सफेद, हल्के पीले या अन्य हल्के रंग के वस्त्र पहनने की परंपरा है। सादा पहनावा इस अवधि की गंभीरता और संयम को बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

इन बातों से बचें

  • पितृ पक्ष के दौरान बाल और दाढ़ी कटवाने से बचें।
  • मांस, मछली और अंडे जैसे तामसिक भोजन करने की सलाह दी जाती है। शराब और अन्य नशीली चीजों से दूरी बनाएं।
  • घर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना चाहिए।
  • असहाय व्यक्ति को परेशान करने और पशु-पक्षियों को प्रताड़ित करने से भी बचना चाहिए।
  • मान्यता है कि इस अवधि में विनम्रता, सत्य और सम्मान का व्यवहार रखना पितरों के प्रति श्रद्धा का हिस्सा है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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