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राहु की महादशा में केतु की अंतर्दशा बन सकती है मानसिक तनाव और असफलता का कारण, 3 उपायों से बुरे प्रभावों को करें दूर

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Oct 15, 2026 04:50 pm IST,  Updated : Oct 15, 2026 04:50 pm IST

राहु और केतु दोनों ही छाया ग्रह हैं ऐसे में जब राहु की महादशा में केतु की अंतर्दशा आती है तो जीवन में परेशानियों का सामना आपको करना पड़ सकता है। इसलिए राहु-केतु दशा में कुछ उपाय आपको जरूर करने चाहिए, आज हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में आपको जानकारी देंगे।

Rahu Mahadasha Me Ketu Antardasha- India TV Hindi
राहु की महादशा में केतु की अंतर्दशा Image Source : PIXABAY

राहु की महादशा का काल 18 सालों का होता है। वहीं राहु की महादशा में केतु की अंतर्दशा 1 साल और 18 महीने की होती है। ये दोनों ही ज्योतिष में छाया ग्रह माने गए हैं और जब भी राहु की महादशा में केतु की अंतर्दशा चलती है तो व्यक्ति के जीवन में कई उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि राहु की महादशा में केतु की अंतर्दशा का फल क्या होता है और इस दौरान किन उपायों को करने से व्यक्ति को जीवन में स्थिरता मिल सकती है। 

राहु की महादशा में केतु की अंतर्दशा का फल 

  • राहु-केतु दशा में व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अनिद्रा, सिरदर्द, बुखार आदि जैसी स्वास्थ्य समस्याएं बार-बार हो सकती हैं। 
  • इस दशा में व्यक्ति के काम में बार-बार अड़चनें आ सकती हैं, बने बनाए काम भी बिगड़ सकते हैं। 
  • घर-परिवार और समाजा में लोगों के साथ मनमुटाव हो सकता है और लड़ाई झगड़े भी हो सकते हैं। 
  • यह दशा व्यक्ति को विरक्त भी कर सकती है और व्यक्ति वैराग्य तक लेने की ठान सकता है। 
  • राहु-केतु दशा के दौरान आपके करीबी भी आपसे दूरी बना सकते हैं, दोस्त भी आपके दुश्मन बन सकते हैं। 
  • बेवजह की भागदौड़ और असफल यात्राएं भी इस दौरान आपको करनी पड़ सकती हैं।

राहु की महादशा में केतु की अंतर्दशा के दौरान करें ये उपाय

राहु-केतु दशा के दौरान आपको नीचे दिए गए उपाय करने चाहिए। इन उपायों को करने से बुरे प्रभावों से आपको मुक्ति मिल सकती है और जीवन में संतुलन बना रहता है। 

  • राहु-केतु दशा के दौरान आपको राहु के मंत्र 'ॐ रांग राहवे नमः' और केतु ग्रह के मंत्र 'ॐ केंग केतवे नमः' का जप करना चाहिए। अगर जप प्रतिदिन न कर सकें तो मंगलवार और शनिवार को आपको अवश्य इनका जप करना चाहिए। 
  • राहु-केतु दशा के दौरान आपको भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। ऐसा करने से राहु-केतु दशा के बुरे प्रभावों से आपको मुक्ति मिल सकती है। खासकर आपको सोमवार और शनिवार के दिन शिव आराधना करनी चाहिए और शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही आप शिव मंत्रों का जप भी कर सकते हैं।  
  • राहु-केतु की दशा के दौरान आपको काले कुत्ते को रोटी खिलानी चाहिए खासकर शनिवार के दिन। ऐसा करने से दशा का बुरा प्रभाव दूर होने लगता है। इसके साथ ही आप कौवों को भी रोटी या दाना डाल सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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