1. Hindi News
  2. धर्म
  3. रक्षाबंधन के बाद राखी कब उतारनी चाहिए? जन्माष्टमी से जुड़ी है ये मान्यता, जानें रक्षासूत्र खोलने का सही तरीका

रक्षाबंधन के बाद राखी कब उतारनी चाहिए? जन्माष्टमी से जुड़ी है ये मान्यता, जानें रक्षासूत्र खोलने का सही तरीका

 Written By: Arti Azad
 Published : Sep 04, 2026 01:59 pm IST,  Updated : Sep 04, 2026 01:59 pm IST

रक्षाबंधन के बाद राखी को सही तरीके से उतारने की बात कही जाती है। धार्मिक मान्यताओं में जन्माष्टमी के बाद रक्षासूत्र खोलने की परंपरा बताई जाती है। राखी उतारने के बाद इसे कूड़ेदान या कहीं भी फेंकने से बचना चाहिए। जानिए रक्षाबंधन के बाद रक्षासूत्र कब और कैसे खोलना चाहिए।

raksha sutra utarne ke niyam- India TV Hindi
रक्षाबंधन के बाद राखी कब उतारनी चाहिए? Image Source : PINTEREST

कलाई पर बंधा रक्षासूत्र भाई-बहन के रिश्ते और सुरक्षा के संकल्प की याद दिलाता है। रक्षाबंधन बीतने के बाद कई भाई इस उलझन में रहते हैं कि इसे कब तक बांधे रखना चाहिए और उतारने के बाद राखी का क्या किया जाए। इसे लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। आइए जानते हैं राखी उतारने को लेकर क्या मान्यताएं हैं और इसे खोलते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

तय नहीं है दिन

सनातन धर्म की मान्यताओं में रक्षाबंधन के बाद राखी उतारने के लिए कोई निश्चित दिन या समय निर्धारित नहीं बताया गया है। हालांकि, प्रचलित मान्यताओं के अनुसार कई लोग जन्माष्टमी के बाद कलाई से रक्षासूत्र खोलते हैं। कुछ बहनें जो किसी कारणवश रक्षाबंधन के दिन भाई को राखी नहीं बांध पाती हैं, वे जन्माष्टमी पर अपने भाईयों की सूनी कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं। ऐसे में कई जगहों पर जन्माष्टमी के बाद ही राखी उतारने की परंपरा भी मानी जाती है। वहीं, कुछ लोग 10 से 15 दिन बाद इसे खोलते हैं, जबकि कई लोग राखी के अपने आप खुलने या टूटने तक इसे पहने रखते हैं।

जन्माष्टमी से जुड़ी मान्यता

जन्माष्टमी के बाद राखी उतारने की परंपरा देखने को मिलती है। ऐसे में भाई जन्माष्टमी के दिन या उसके बाद सुविधानुसार रक्षासूत्र खोल सकते हैं। हालांकि, अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में राखी उतारने से जुड़ी मान्यताएं अलग हो सकती हैं।

रक्षासूत्र खोलने के नियम

  • राखी उतारते समय इसे झटके से खींचने या काटने के बजाय आराम से खोलना चाहिए। 
  • मान्यता के अनुसार रक्षासूत्र को कैंची या चाकू से काटकर नहीं खोलना चाहिए। 
  • इसे उतारते समय भगवान का स्मरण करना और राखी के प्रति सम्मान रखना उचित माना जाता है।

भूलकर भी न फेंकें राखी

राखी को कूड़ेदान या कहीं भी फेंकना उचित नहीं माना जाता। मान्यता के अनुसार इसे किसी साफ और पवित्र स्थान पर रखें। कुछ लोग राखी को पूजा सामग्री के साथ रखते हैं और बाद में इसका विसर्जन करते हैं। अगर राखी प्लास्टिक या धातु से बनी है, तो उसे नदी या तालाब में प्रवाहित करने से बचना चाहिए। ऐसी राखी को सम्मानपूर्वक अलग रखें। पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखना भी जरूरी है।

चांदी की राखी

अगर भाई की कलाई पर चांदी की राखी बांधी गई है, तो उसे उतारकर साफ करके सुरक्षित रखा जा सकता है। चांदी की राखी को ब्रेसलेट की तरह दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर रीसाइकिल या एक्सचेंज भी कराया जा सकता है। इस तरह राखी की भावनात्मक अहमियत भी बनी रहती है और उसका उपयोग भी किया जा सकता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: 5 या 6 सिंतबर कब है दही हांडी उत्सव, जब ढोल-ताशों और 'गोविंदा आला रे' के शोर से गूंजेगी सड़कें, जानें इसका महत्व

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।