Sakat Chauth Aarti (सकट चौथ की आरती): सकट चौथ का व्रत माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है और इस बार ये तिथि 6 जनवरी 2026 को पड़ी है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और उन्हें तिल और गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाया जाता है। इस व्रत को कई महिलाएं निर्जला रखती हैं तो कई फलाहार के साथ। धार्मिक मान्यताओं अनुसार सकट व्रत रखने से बच्चों को लंबी आयु और सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। चलिए आपको बताते हैं सकट चौथ की आरती के बारे में।
सकट चौथ की आरती (Sakat Chauth Aarti)
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- एक दंत दयावंत,
- चार भुजा धारी ।
- माथे सिंदूर सोहे,
- मूसे की सवारी ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- पान चढ़े फल चढ़े,
- और चढ़े मेवा ।
- लड्डुअन का भोग लगे,
- संत करें सेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- अंधन को आंख देत,
- कोढ़िन को काया ।
- बांझन को पुत्र देत,
- निर्धन को माया ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- 'सूर' श्याम शरण आए,
- सफल कीजे सेवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- दीनन की लाज रखो,
- शंभु सुतकारी ।
- कामना को पूर्ण करो,
- जाऊं बलिहारी ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
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सकट चौथ मंत्र (Sakat Chauth Mantra)
1. ॐ गं गणपतये नमः
2. त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय।
नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्…
3. गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।
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