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Sankashti Chaturthi June 2026: जून में इस तारीख को है विभुवन संकष्टी चतुर्थी, ढाई साल बाद बने इस दुर्लभ संयोग से दूर होंगे सारे कष्ट!

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Jun 01, 2026 12:36 pm IST,  Updated : Jun 01, 2026 12:36 pm IST

Sankashti Chaturthi June 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार विभुवन संकष्टी अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आती है। ये एक दुर्लभ संकष्टी मानी जाती है क्योंकि ये ढाई साल में एक ही बार पड़ती है। चलिए जानते हैं जून में ये संकष्टी कब पड़ रही है।

Sankashti Chaturthi- India TV Hindi
जून में इस तारीख को है विभुवन संकष्टी चतुर्थी Image Source : INDIA TV

Sankashti Chaturthi June 2026: वैसे तो संकष्टी चतुर्थी हर महीने में पड़ती है लेकिन अधिक मास में आने वाली संकष्टी का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अधिक मास हर तीसरे साल में आता है इसी कारण से इस महीने में आने वाले त्योहार दुर्लभ माने जाते हैं। इस बार अधिक मास ज्येष्ठ महीने में लगा है जो 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इस बीच जून में विभुवन संकष्टी चतुर्थी पड़ेगी। चलिए जान लेते हैं इस त्योहार की सही तारीख और मुहूर्त।

धार्मिक मान्यताओं अनुसार विभुवन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने से जन्म-जन्म के पापों से छुटकारा मिल जाता है और भगवान गणेश की असीम कृपा प्राप्त होती है। इस संकष्टी का खास संयोग ढाई साल में सिर्फ एक बार बनता है। बता दें इस साल ये संयोग 3 जून 2026 को बन रहा है।

विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2026

विभुवन संकष्टी चतुर्थी 3 जून 2026 की रात 9 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर 4 जून की रात 11 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। चूंकि ये व्रत चंद्रमा के दर्शन करने के बाद खोला जाता है इसलिए भक्त 3 जून को व्रत रखेंगे और इसी रात चांद को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण करेंगे। बता दें 3 जून को चंद्रोदय समय रात 10:04 बजे का है।

विभुवन संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि

  • विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद हाथ में जल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • फिर एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान गणेश और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
  • फिर धूप-दीप, कुमकुम, अक्षत, दूर्वा और फूल से भगवान की विधि-विधान पूजा करें।
  • इसके बाद मोदक या बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाएं।
  • फिर विभुवन संकष्टी चतुर्थी की व्रत कथा पढ़ें।
  • इसके बाद गणेश जी की आरती करके उन्हें भोग लगाएं।
  • रात को एक पात्र में दूध, गंगाजल और शहद मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
  • इसके बाद अपना व्रत खोल लें।

विभुवन संकष्टी चतुर्थी पर करें ये खास उपाय

इस दिन गणेश जी को 21 दूर्वा की गाठें भगवान गणेश का मंत्र का जाप करते हुए चढ़ाएं। साथ ही इस दिन मंदिर में या किसी जरूरतमंद को पीले फल, अनाज या पीले कपड़ों का दान करें। ऐसा करने से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाएगी।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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