सनातन धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दौरान घर के मुख्य द्वार पर एक आसान उपाय अपनाने से नकारात्मकता दूर होने की मान्यता है। इस साल सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। मान्यता है कि मुख्य द्वार से ही घर में ऊर्जा प्रवेश करती है। जानिए सावन माह में किए जाने वाले एक ऐसे ही उपाय के बारे में।
रोज करें यह आसान उपाय
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सावन के दौरान हर सुबह स्नान के बाद एक गिलास या लोटे में साफ पानी लें और उसमें एक चुटकी हल्दी मिला दें। इसके बाद इस जल का छिड़काव घर के मुख्य द्वार, चौखट और उसके आसपास करें। मान्यता है कि यह उपाय घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को कम करता है।
हल्दी क्यों मानी जाती है शुभ?
हिंदू परंपरा में हल्दी को बेहद पवित्र और शुभ माना गया है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसका संबंध गुरु ग्रह से बताया है, जो ज्ञान, समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। इसलिए हल्दी का प्रयोग पूजा-पाठ और शुभ कार्यों में भी किया जाता है।
क्या मिल सकते हैं लाभ?
मान्यता है कि मुख्य द्वार पर हल्दी मिले जल का नियमित छिड़काव करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच सुख-शांति का वातावरण रहने, मानसिक तनाव कम होने और समृद्धि के अवसर बढ़ने की भी मान्यता है। साथ ही भगवान शिव और मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।
आम के पत्तों का तोरण
इसके अलावा सावन के महीने में मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाना भी लाभकारी माना जाता है। कहते हैं कि इससे शिव कृपा प्राप्त होती है और जीवन में खुशहाली बनी रहती है। इसके लिए आम के ताजे पत्तों और गेंदे के फूलों की तोरण बनाएं बनाकर उसे मुख्य द्वार पर लगाएं।
साफ-सफाई का भी रखें ध्यान
सावन में बारिश और हरियाली रहती है। ऐसे में नकारात्मकता दूर करने के लिए सिर्फ उपाय कर लेना ही पर्याप्त नहीं माना जाता। मुख्य द्वार हमेशा साफ, व्यवस्थित होना चाहिए। इससे शुभ ऊर्जा के प्रवेश का मार्ग खुलाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें: सावन में बन रहा महालक्ष्मी राजयोग का शुभ संयोग, मंगल-चंद्रमा की युति से चमकेगी 3 राशियों की किस्मत