सावन के महीने में कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए आप कुछ आसान से उपाय कर सकते हैं। माना जाता है कि भगवान शिव सर्पों के पूज्य हैं इसलिए अगर सावन में आप कुछ विशेष उपाय करते हैं तो कालसर्प दोष से आपको मुक्ति मिल सकती है और जीवन में शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। आज हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में जानकारी देंगे। आपको बता दें कि 30 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो चुका है 28 अगस्त को इसकी समाप्ति होगी।
कालसर्प दोष क्या है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कालसर्प दोष तब बनता है जब कुंडली के सभी ग्रह राहु और केतु के बीच फंस जाते हैं। ऐसे में राहु ग्रह, सर्प का मुख बन जाता है और केतु ग्रह, सर्प की पूंछ। कालसर्प दोष या योग के चलते व्यक्ति को जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। आइए जान लेते हैं इससे मुक्ति के उपाय।
सावन में करें बेलपत्र का यह उपाय
सावन में करें कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय सावन के हर सोमवार के दिन आपको किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर 108 बेलपत्र अर्पित करने चाहिए और साथ ही शिवमंत्रों का जप करना चाहिए। इस उपाय को करने से आपको जीवन में सुखद बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
महामृत्युंजय जप
सावन के महीने में भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र 'त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।' का जप आपको करना चाहिए। इस मंत्र का जप आप घर पर भी कर सकते हैं या किसी शिव मंदिर में जाकर भी। इस मंत्र का जप करने से आपके जीवन की सभी परेशानियों का अंत हो सकता है और कालसर्प दोष का बुरा प्रभाव भी आपको प्रभावित नहीं करता।
रुद्राभिषेक
सावन के हर सोमवार के दिन आपको रुद्राभिषेक करना चाहिए। इसके लिए गंगाजल, दूध, दही, घी और शहद का आपको मिश्रण बनाना चाहिए और उसके बाद किसी शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर इसे अर्पित करना चाहिए। सावन के हर सोमवार को अगर आप ऐसा करते हैं तो शिव भगवान की असीम कृपा आप पर बरस सकती है और आप कालसर्प दोष से मुक्त हो सकते हैं।
नाग-नागिन के जोड़े की पूजा
सावन में महीने में आप चांदी या फिर तांबे के नाग-नागिन का जोड़ा बनाएं और इनकी पूरे सावन में पूजा करें। पूरे माह भर ना भी कर पाएं तो हर सोमवार को इनकी पूजा करें। सावन खत्म होने के बाद नाग-नागिन के जोड़े को किसी प्राचीन शिव मंदिर में दान कर दें या फिर किसी पवित्र नदी में बहा दें। माना जाता है कि सावन में यह उपाय करने से कालसर्प दोष के बुरे प्रभाव दूर हो जाते हैं।
नागों के नाम का स्मरण
सावन के महीने में नौ नागों अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबला, कर्कोटक, धृतराष्ट्र, शंखपाल और तक्षक के नाम का स्मरण करने और उनसे अपनी भूल के लिए माफी मांगने से भी कालसर्प दोष से आप मुक्ति पा सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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