सनातन धर्म में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना गया है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु अपने घर में या मंदिर में इस पवित्र अनुष्ठान को कराता है उसके जीवन के सभी कष्ट तो दूर होते ही हैं, साथ ही सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण हो जाती हैं। सावन महीना चल रहा है और इस महीने में तो रुद्राभिषेक कराना ओर भी ज्यादा पुण्य फलदायी माना जाता है। चलिए आपको बताते हैं सावन में रुद्राभिषेक कराने के लिए सबसे उत्तम दिन कौन सा माना गया है।
सावन में रुद्राभिषेक कराने के लिए सबसे शुभ दिन?
- गोरखपुर के प्रख्यात पंडित सुजीत जी महाराज के अनुसार, सावन में रुद्राभिषेक आप किसी भी दिन करा सकते हैं, क्योंकि सावन का हर दिन शिव भक्ति के लिए खास होता है। लेकिन अगर इस महीने के सबसे शुभ दिनों की बात करें तो आप रुद्राभिषेक कराने के लिए शिवरात्रि का दिन चुन सकते हैं। बता दें इस बार सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026, मंगलवार को है। ये सावन महीने का सबसे शुभ दिन माना जाता है, ऐसे में अगर आप इस दिन रुद्राभिषेक कराते हैं तो इससे आपको विशेष लाभ प्राप्त होगा।
- सावन शिवरात्रि के बाद सावन प्रदोष व्रत यानी त्रयोदशी का दिन रुद्राभिषेक कराने के लिए सबसे शुभ होता है। बता दें सावन में पहला प्रदोष व्रत 10 अगस्त 2026, सोमवार को पड़ेगा तो वहीं दूसरा प्रदोष व्रत 25 अगस्त 2026, मंगलवार को पड़ेगा।
- प्रदोष व्रत के बाद तीसरे नंबर पर सावन सोमवार का दिन रुद्राभिषेक कराने के लिए सबसे शुभ होता है। सावन के सोमवार अगस्त में 10, 17 और 24 तारीख को पड़ेंगे। आप इनमें से किसी भी सोमवार को रुद्राभिषेक करा सकते हैं।
- सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि भी रुद्राभिषेक कराने के लिए शुभ मानी जाती है, जो इस बार 17 अगस्त 2026 को पड़ रही है। इसी दिन नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है।

क्या रुद्राभिषेक के लिए शिववास देखना अनिवार्य है?
अगर सामान्य दिनों में रुद्राभिषेक करा रहे हैं तो हां शिववास देखना अनिवार्य है। लेकिन अगर सावन में रुद्राभिषेक करा रहे हैं तो शिववास देखने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि ये पूरा महीना ही भगवान शिव को समर्पित होता है। बता दें शिववास से भगवान शिव के स्थान का पता लगाया जाता है। अगर भगवान शिव का वास कैलाश, नंदी या माता गौरी के साथ है तो उस समय पर रुद्राभिषेक या भगवान शिव से जुड़ा अन्य कोई विशेष अनुष्ठान कराना शुभ होता है। वहीं अगर शिव श्मशान, सभा, क्रीड़ा या भोजन में हैं तो उस समय पर शिवजी की विशेष पूजा करने से बचने की सलाह दी जाती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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