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Marriage Remedies: बार-बार टल रही शादी? कुंडली में ये दोष हो सकते हैं देरी का कारण, जानें आसान और असरदार उपाय

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Apr 07, 2026 10:30 pm IST,  Updated : Apr 07, 2026 10:30 pm IST

Marriage Remedies: विवाह में देरी केवल समय की कमी से नहीं होती, बल्कि कुंडली में ग्रहों की स्थिति भी इसे प्रभावित करती है। सही ज्योतिषीय उपाय अपनाकर आप इस देरी को दूर कर सकते हैं और अपने जीवनसाथी से जल्द मिल सकते हैं।

शादी में देरी के कारण और उपाय- India TV Hindi
शादी में देरी के कारण और उपाय Image Source : FREEPIK

Marriage Remedies: कई बार लोग अपने जीवनसाथी से मिलने के बावजूद शादी में देरी का सामना करते हैं। कभी रिश्ता तय होने से पहले ही अड़चनें आ जाती हैं, तो कभी शादी लंबा खिंचती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे कुंडली में ग्रहों और भावों की स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सही उपाय अपनाने से विवाह में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सकता है और योग्य जीवनसाथी मिलने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।

विवाह में देरी के ज्योतिषीय कारण

ज्योतिष में सातवां भाव विवाह और दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है। यदि इस भाव में शनि, मंगल, राहु या केतु जैसे अशुभ ग्रह स्थित हों या इनकी दृष्टि सातवें भाव पर पड़ रही हो, तो विवाह में बाधा और देरी देखने को मिल सकती है। शनि का प्रभाव विशेष रूप से विलंब का कारण बनता है। इसके अलावा, शुक्र, गुरु और मंगल की कमजोर या प्रतिकूल स्थिति भी शादी में देर कर सकती है।

कुंडली के कमजोर ग्रह

पुरुषों की कुंडली में इन ग्रहों का अशुभ प्रभाव अधिक गंभीर परिणाम ला सकता है। ग्रह अस्त अवस्था में हों तो भी विवाह में विलंब की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए कुंडली की सही जांच और ग्रहों की स्थिति समझना बेहद जरूरी है।

विवाह में देरी से निवारण के उपाय

शनि के कारण देरी होने पर शनिवार के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाना और पीपल के वृक्ष के नीचे दीपदान करना लाभकारी माना जाता है। जरूरतमंदों की मदद करना भी शुभ फल देता है। गुरु को मजबूत करने के लिए पीले रंग की वस्तुएं, जैसे केला, हल्दी, चना और पीले कपड़े का दान करना उपयोगी है। इसके अलावा अगर किसी जातक की कुंडली में सातवां भाव कमजोर हो या ग्रहों की स्थिति अनुकूल न हो, तो किसी विशेषज्ञों से परामर्श लेना लाभदायक साबित हो सकता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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