Shani Dhaiya 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को 'न्याय का देवता' और 'कर्मफल दाता' माना जाता है। कहते हैं ये लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि इस समय मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और अगले साल ये मंगल की राशि मेष में गोचर करने लगेंगे। शनि का मेष राशि में गोचर 2 राशि वालों के जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है क्योंकि इन राशियों पर शनि ढैय्या की शुरुआत हो जाएगी। चलिए जानते हैं ये कौन सी राशियां हैं।
शनि का राशि परिवर्तन कब है?
शनि का राशि परिवर्तन 3 जून 2027 को होगा। इस दिन शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में आ जायेंगे फिर 17 अप्रैल 2030 तक इसी राशि में रहेंगे।
इन राशियों पर शुरू होगी शनि ढैय्या
शनि के मेष राशि में आते ही कन्या और मकर राशि वालों पर शनि ढैय्या शुरू हो जाएगी। ऐसे में इन राशियों के लोगों को बेहद सतर्क रहना होगा। कार्यों में रुकावट और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इसके अलावा आपको अपनी सेहत और गुप्त शत्रुओं से भी सावधान रहने की जरूरत होगी। शनि ढैय्या के दौरान आपको कोई भी फैसला सोच समझकर लेना होगा। यहां ये भी जान लें कि जिन लोगों की कुंडली में शनि शुभ स्थिति में हैं उन पर शनि ढैय्या का उतना बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इन राशियों को शनि ढैय्या से मिल जाएगी मुक्ति
शनि के मेष राशि में आते ही सिंह और धनु राशि वालों को शनि ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। ऐसे में आपके जो भी काम शनि के कारण रूके हुए थे वो बनने शुरू हो जाएंगे।
शनि के प्रकोप से बचने के उपाय
- अगर शनि के बुरे प्रभाव से बचना चाहते हैं तो हर शनिवार शनि देव की पूजा जरूर करें।
- शनि के नाम से दान करें।
- शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
- हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।
- ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का रोजाना 108 बार जाप करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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