जुलाई के माह में शुक्र-केतु की युति होगी। शुक्र 4 जुलाई को सिंह राशि में गोचर करेंगे जहां केतु पहले से ही विराजमान हैं। शुक्र-केतु की यह युति कुछ राशियों के प्रेम और पारिवारिक संबंधों के लिए अच्छी नहीं कही जा सकती। प्रेम के कारक ग्रह शुक्र का वैराग्य के कारक केतु के साथ बैठना संबंधों में दुरियां और गलतफहमियां पैदा कर सकता है। ऐसे में किन राशियों को इस युति के दौरान सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी, आइए जानते हैं।
मेष राशि
शुक्र और केतु की युति आपके प्रेम भाव में होगी। यह युति आपके प्रेम संबंध में परेशानी का कारण बन सकती है। किसी तीसरे का दखल अलगाव पैदा कर सकता है, इसलिए आपको किसी भी गलतफहमी का हल पार्टनर से बात करके निकालना चाहिए। अन्य लोगों की मदद लेगें तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं। वैवाहिक जीवन में भी आपको सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी, खुद कम बोलें और पार्टनर को ज्यादा सुनें इससे स्थिति अनुकूल रह सकती है। शुक्र-केतु की युति के चलते समाज में भी मानहानि हो सकती है, संभलकर आपको रहना होगा। उपाय के तौर पर शुक्र के मंत्रों का जप करें।
सिंह राशि
आपकी राशि में ही यानि आपके प्रथम भाव में शुक्र और केतु युति करेंगे। इस युति के चलते आपको मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और इसका असर आपके रिश्तों पर भी पड़ेगा। वैवाहिक जीवन में पार्टनर से अनबन हो सकती है, छोटी सी बात भी झगड़े का रूप ले सकती है इसलिए सतर्क रहें। प्रेम संबंधों में पड़े लोगों को बात-बात पर अपने पार्टनर को जज करने से बचना होगा नहीं तो बात बिगड़ सकती है। इसके साथ ही गले और पेट से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी सतर्क रहें। उपाय के तौर पर आपको शिव जी की आराधना करनी चाहिए।
कुंभ राशि
आपके साझेदारी के सप्तम भाव में शुक्र और केतु युति करेंगे। यह भाव विवाह का कारक भी माना जाता है। वैराग्य के कारक केतु का इस भाव में बैठना पार्टनर से आपकी दूरियां बढ़ा सकता है। विरक्ति का भाव आपके मन में आ सकता है और आप घर-परिवार से दूरी बना सकते हैं। इसकी वजह से पार्टनर आपके बारे में गलत धारणाएं भी बना सकता है, इसलिए सतर्क रहें। प्रेम जीवन में सुखद फल चाहते हैं तो अपने अहम को दूर रखें और पार्टनर पर अपनी बातें न थोपें। उपाय के तौर पर आपको बहन या माता को उपहार देना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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