1. Hindi News
  2. धर्म
  3. हरतालिका तीज की पूजा में इस आरती से करें देवी पार्वती को प्रसन्न, दांपत्य जीवन में बनी रहेगी खुशहाली!

हरतालिका तीज की पूजा में इस आरती से करें देवी पार्वती को प्रसन्न, दांपत्य जीवन में बनी रहेगी खुशहाली!

 Written By: Arti Azad
 Published : Sep 14, 2026 06:52 am IST,  Updated : Sep 14, 2026 06:52 am IST

हरतालिका तीज पर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। व्रत और पूजन के दौरान कुछ खास धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता है, जिनमें आरती का भी विशेष महत्व माना गया है। यहां पढ़िए हरतालिका तीज की आरती के संपूर्ण लिरिक्स

Hartalika Teej Aarti, हरतालिका तीज की आरती- India TV Hindi
हरतालिका तीज की आरती Image Source : PINTEREST

हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। इस साल यह पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि हरतालिका तीज सोमवार के दिन पड़ रही है, जो शिव जी को समर्पित होता है। ऐसे में हरितालिका तीज को और भी प्रभावशाली बताया जा रहा है। इस शुभ तिथि पर पूरे नियम से सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। इसी वजह से इस व्रत में शिव-पार्वती की पूजा और आरती का विशेष महत्व माना जाता है। यहां पढ़िए हरितालिका तीज पर गाई जाने वाली आरती के संपूर्ण हिंदी लिरिक्स। 

माता पार्वती की आरती (Maa Parvati Ki Aarti Lyrics)

जय पार्वती माता जय पार्वती माता

ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता...
 
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता...

सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता...
 
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता...

सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता...
 
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
जय पार्वती माता...

श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।

भगवान शिव की आरती (Shiv Ji Ki Aarti)

ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
ओम जय शिव ओंकारा...

एकानन, चतुरानन, पञ्चानन राजे। 
हंसानन, गरूड़ासन, वृषवाहन साजे।।
ओम जय शिव ओंकारा…

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
ओम जय शिव ओंकारा...

अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
ओम जय शिव ओंकारा...

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
ओम जय शिव ओंकारा...

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ओम जय शिव ओंकारा...

लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
ओम जय शिव ओंकारा...

पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
ओम जय शिव ओंकारा...

जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
ओम जय शिव ओंकारा...

काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
ओम जय शिव ओंकारा...

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: पितृ पक्ष में नए कपड़े और नई चीजें खरीदनी चाहिए या नहीं? जानें क्या है खरीदारी के सही नियम

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।