Surya Grahan 2026: साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के दिन लगेगा। ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा जो मुख्य रूप से अंटार्कटिका, अफ्रीका के कुछ हिस्सों और दक्षिण अटलांटिक महासागर के क्षेत्रों में दिखाई देगा। भारत में ये ग्रहण दिखाई नहीं देगा इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। ग्रहण की शुरुआत 17 फरवरी की दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगी और इसका समापन रात 8 बजे होगा। चलिए जानते हैं ग्रहण किस राशि और नक्षत्र के लोगों को प्रभावित करेगा।
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में लगेगा
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा इसलिए इस ग्रहण का सबसे ज्यादा असर भी इस राशि और नक्षत्र से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। इन लोगों को स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों को लेकर सतर्क रहना होगा। इस दौरान आपके कुछ निर्णय गलत साबित हो सकते हैं। ऐसे में आपको जरूरी फैसले लेते समय सावधानी बरतनी होगी। किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा करना आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
इन राशियों के लिए भी है 'खतरे की घंटी'
- सिंह राशि: वैवाहिक जीवन में परेशानियां आ सकती हैं और पार्टनरशिप के कार्यों में नुकसान हो सकता है।
- वृश्चिक राशि: घरेलू सुख-सुविधाओं में कमी आ सकती है और अचानक से माता का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।
- कुंभ राशि: मानसिक तनाव काफी ज्यादा रहेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बनते काम रुक सकते हैं इसलिए सतर्क रहें।
- मकर राशि: धन हानि के योग बनेंगे। निवेश करने से पहले किसी अनुभवी की सलाह जरूर लें।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
ग्रहण के दौरान सूर्य भगवान के मंत्रों या महामृत्युंजय मंत्र का जाप जरूर करें। इससे ग्रहण का बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके अलावा ग्रहण के समाप्त होने के बाद स्नान और दान अवश्य करें। ग्रहण काल में भोजन पकाने या खाने से बचना चाहिए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को नुकीली वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका बुरा प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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