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Vaibhav Suryavanshi Kundli: वैभव सूर्यवंशी का 'वैभव' चमकाएगी ग्रहों की यह जुगलबंदी! कुंडली का 11वां भाव दे रहा है बड़ा संकेत

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Jun 04, 2026 10:40 am IST,  Updated : Jun 04, 2026 10:49 am IST

Vaibhav Suryavanshi Kundli: IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन के बाद अब हर जगह यही चर्चा है कि क्या क्रिकेट जगत को उसका नया ग्लोबल सुपरस्टार मिल गया है? खास बात ये है कि वैभव की कुंडली भी उनके इंटरनेशनल सुपरस्टार बनने के बेहद मजबूत संकेत दे रही है।

Vaibhav Suryavanshi Kundli- India TV Hindi
कुंडली का 11वां भाव दे रहा है बड़ा संकेत Image Source : CANVA

Vaibhav Suryavanshi Kundli: ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, वैभव की कुंडली का 11वां भाव उनके इंटरनेशनल सुपरस्टार बनने के मजबूत संकेत दे रहा है। इस भाव में चार शुभ ग्रहों की युति इस ओर इशारा करती है कि यह खिलाड़ी आने वाले समय में क्रिकेट की दुनिया पर राज कर सकता है। बता दें ज्योतिष में कुंडली का 11वां भाव बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जिसे सरल शब्दों में आय, इच्छा पूर्ति और लाभ का घर माना जाता है। किसी भी व्यक्ति की वैश्विक स्तर पर कामयाबी इसी भाव से तय होती है। चलिए जानते हैं वैभव की कुंडली का 11वां भाव क्या कह रहा है।

वैभव की कुंडली का 11वां भाव सबसे मजबूत

Vaibhav Suryavanshi Kundli
Image Source : CANVAवैभव सूर्यवंशी की कुंडली

27 मार्च 2011 में जन्मे वैभव सूर्यवंशी की कुंडली पर नजर डालें तो इनकी कुंडली का सबसे मजबूत भाव 11वां ही है। जहां 4 शुभ ग्रहों बुध, सूर्य, गुरु और मंगल की अद्भुत जुगलबंदी बन रही है। जो कि बेहद दुर्लभ मानी जाती है। ज्योतिष की मानें तो जब इस भाव में शुभ ग्रह एक साथ बैठते हैं तो ऐसे जातकों को जीवन में अपार सफलता प्राप्त होती है। ऐसे लोग दुनिया भर में नाम कमाते हैं। 

कुंडली में इंटरनेशनल सुपरस्टार बनने के प्रबल योग

कुंडली के 11वें भाव में ग्रहों की अद्भुत युति ये साफ संकेत दे रही है कि वैभव बहुत जल्द अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराएंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आने वाले कुछ साल वैभव सूर्यवंशी के लिए बेहद शानदार साबित होने वाले हैं। ज्योतिष में इतने सारे शुभ ग्रहों का कुंडली के लाभ भाव में बैठना वैभव की कुंडली में बेहद शक्तिशाली योग का निर्माण कर रहा है जो उन्हें विश्व स्तर पर ख्याति दिलाएगा।

क्यों खास है चार प्रमुख ग्रहों की महा-जुगलबंदी

11वें भाव में चार महत्वपूर्ण ग्रह बुध, सूर्य, गुरु और मंगल एक साथ बैठे हैं। चलिए जानते हैं ये वैभव को किस तरह सपोर्ट करेंगे...

  • 11वें भाव में बैठा गुरु अपनी स्वयं की ही राशि में है जो 11वें भाव को अत्यधिक बलवान बना रहा है। कहते हैं ग्यारहवें भाव का स्वामी जब अपने ही घर में बैठता है, तो ये व्यक्ति की इच्छाएं पूर्ण करता है और उसे जीवन में अपार दौलत व शोहरत दिलाता है।
  • इसके अलावा सूर्य और मंगल की इस भाव में युति अपने कार्यक्षेत्र में अपार सफलता, लीडरशिप क्वालिटी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने में सहायक सिद्ध होती है।
  • वहीं बुध का यहां बैठे होना तेज बुद्धि और गणनात्मक क्षमता देता है। हालांकि यहां बुध नीच का होकर बैठा है लेकिन गुरु के यहां बलवान होने से नीचभंग राजयोग भी बन रहा है, जो विपरीत परिस्थितियों को भी सफलता में बदलने की ताकत देता है।

(डिस्क्लेमर: यह ज्योतिषीय विश्लेषण इंटरनेट पर उपलब्ध वैभव सूर्यवंशी की जन्म तिथि के आधार पर तैयार किया गया है। चूंकि उनकी वास्तविक जन्म कुंडली या सटीक जन्म समय उपलब्ध नहीं है तो ऐसे में उनकी वास्तविक कुंडली इससे अलग हो सकती है।)

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