1. Hindi News
  2. धर्म
  3. घर के आंगन में तुलसी लगाने की क्यों बनी परंपरा? पूजा से लेकर सफाई तक जुड़े हुए हैं कई कारण, जानिए

घर के आंगन में तुलसी लगाने की क्यों बनी परंपरा? पूजा से लेकर सफाई तक जुड़े हुए हैं कई कारण, जानिए

 Written By: Arti Azad
 Published : Aug 25, 2026 06:31 pm IST,  Updated : Aug 25, 2026 06:31 pm IST

प्राचीन समय से तुलसी का उपयोग भारतीय हिंदू परंपराओं और कई घरेलू उपायों में किया जा रहा है। तुलसी चौरे की जगह और इसकी सेवा के पीछे पुराने घरों में रोज की दिनचर्या के पीछे व्यावहारिक कारण भी थे। जानिए कैसे तुलसी आस्था के साथ जीवनशैली का हिस्सा बन गई।

tulsi plant- India TV Hindi
घर के आंगन में तुलसी लगाने की क्यों बनी परंपरा? Image Source : PINTEREST

पुराने भारतीय घरों की पहचान सिर्फ उनके आंगन और पारंपरिक बनावट से नहीं होती थी, बल्कि वहां अपनाई जाने वाली छोटी-छोटी आदतों में भी जीवन को आसान बनाने की समझ दिखाई देती थी। आंगन के बीच बना तुलसी चौरा इसका एक अच्छा उदाहरण था। आज आंगन भले न हो या छोटे हो गए हों, लेकिन बालकनी और छत पर तुलसी लगाने की परंपरा अब भी कायम है। तुलसी की पूजा धार्मिक आस्था से जुड़ी है, लेकिन इसके साथ सफाई, पौधे की देखभाल और घर के वातावरण से जुड़े कई पहलू भी जुड़े हुए हैं। चलिए जानते हैं इनके बारे में। 

आंगन का अहम हिस्सा

पुराने समय के भारतीय घरों में खुला आंगन घर की बनावट का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करता था। यहां धूप और हवा आसानी से पहुंचती थी। इसी जगह तुलसी का पौधा रखने से उसे पर्याप्त रोशनी मिलती और परिवार के लोग उसकी नियमित देखभाल भी कर पाते थे। 

पूजा के साथ सफाई

तुलसी चौरे की देखभाल केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं थी। सुबह आंगन की सफाई, पानी का छिड़काव और तुलसी को जल देने जैसी आदतों ने स्वच्छता को भी दिनचर्या का हिस्सा रहा है। शाम को दीपक जलाने की परंपरा से परिवार के दिन का एक निश्चित क्रम भी बना रहता था।

कीटों से जुड़ा पहलू

तुलसी की तेज सुगंध और इसमें मौजूद प्राकृतिक यौगिकों के कारण इसे पारंपरिक रूप से कीटों को दूर रखने वाले पौधों में शामिल किया जाता रहा है। पुराने समय में मच्छरों और दूसरे कीड़ों से बचने के आधुनिक साधन सीमित थे, इसलिए घर के आसपास तुलसी और दूसरे सुगंधित पौधे लगाए जाते थे। हालांकि, पानी जमा न होने देना और सफाई रखना बेहद जरूरी है।

आस्था ने दी खास पहचान

हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्र पौधा माना जाता है और भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व है। धार्मिक जुड़ाव ने तुलसी को घर में विशेष स्थान दिलाया।

तुलसी का पौधा है गुणों का भंडार

तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल चाय या काढ़े में करते हैं। मौसम बदलने पर गले की खराश या सामान्य सर्दी-जुकाम में इसे घरेलू उपाय के तौर पर अपनाते हैं। तुलसी के आसपास रहने से इसकी प्राकृतिक खुशबू के कारण ताजगी महसूस होती है। हालांकि, इस बात का दावा नहीं किया जा सकता है कि तुलसी हर तरह के प्रदूषण को खत्म कर देती है या बहुत अधिक मात्रा में ऑक्सीजन देती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: बुधवार को इस शुभ योग-नक्षत्र में कर लें कुछ खास उपाय, कई परेशानियों से राहत और नौकरी-व्यापार में मिल सकती है तरक्की

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।