नयी दिल्ली: चैंपियंस ट्रॉफ़ी एक जून से शुरु हो रही है और गत विजेता टीम इंडिया का पहला मैच 4 जून को चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से होगा। भारत जैसे क्रिकेट दीवाने देश में ज़ाहिर है टीम इंडिया से काफ़ी उम्मीदें हैं। टीम इंडिया ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ अपना पहला अभ्यास मैच जीतकर शुरुआत भी अच्छी की है। लेकिन सवाल है कि क्या चैंपियंस ट्रॉफी में डिफेंडिंग चैंपियन टीम इंडिया खिताब बचा पाएगी? क्या टीम इंडिया में एक बार फिर से चैंपियन बनने का दम है?
ठीक चार साल पहले इंग्लैंड में ही भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी की चैंपियन बनी थी। 8 टीमों के इस महामुकाबले में किस टीम की दावेदारी है मजबूत ? हम आपको यहां बताने जा रहे हैं कि आंकड़ों के खेल में कौन सी टीम है सबसे अव्वल है।
अगर 2015 वर्ल्ड कप के बाद टीमों का जीत का प्रतिशत देखें तो इंग्लैंड (62%) सबसे आगे है। उसी के बराबर खड़ी है साउथ अफ़्रीका। इनके बाद ऑस्ट्रेलिया (59%), बांग्लादेश (57%), न्यूज़ीलैंड (55%), भारत (55%), पाकिस्तान (43%) और फिर सबसे नीचे श्रीलंका (34%) आती है। इस लिहाज़ से देखें तो टीम इंडिया पांचवे स्थान पर है।
अब अगर रनरेट की बात करें तो यहां भी इंग्लैंड (6.27) सबसे आगे है। उसके बाद साउथ अफ़्रीका (5.82), ऑस्ट्रेलिया (5.81), भारत (5.73), न्यूज़ीलैंड (5.73), पाकिस्तान (5.61), बांग्लादेश (5.45) और अंत में श्रीलंका (5.41) आती है। यहां भारत साउथ अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया से बहुत पीछे नही है।
2015 वर्ल्ड कप के बाद भारत ने 300 से ज़्यादा का स्कोर आठ बार खड़ा किया जबकि इंग्लैंड यहां भी अव्वल नंबर पर है। उसने 21 बार 300+ का स्कोर किया है। दूसरे नंबर पर साउथ अफ़्रीका (13) और तीसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया (11) है।
इसी तरह अगर 2015 वर्ल्ड कप के बाद ओपनिंग साझेदारी (100+) की बात करें तो यहां ऑस्ट्रेलिया (11) और साउथ अफ़्रीका (11) सबसे आगे हैं। इनके बाद इंग्लैंड (8) और न्यूज़ीलैंड (11) आती हैं। यहां टीम इंडिया काफी कमज़ोर नज़र आती है। उसने सिर्फ 5 बार 100+ की साझेदारी की जबकि उसके ऊपर बांग्लादेश (6) है। पाकिस्तान (4) और श्रीलंका (3) सांतवे और आठवे नंबर पर आती हैं।
बावजूद इसके कि 2015 वर्ल्ड कप के बाद से भारतीय बल्लेबाज़ों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है, दो भारतीय बल्लेबाज़ ऐसे हैं जिनका शुमार टॉप 5 बल्लेबाज़ों में होता है। ये हैं विराट कोहली जिनका औसत 64.10 है और केदार जाघव जिनका औसत 64.00 है। इस सूची में सबसे ऊपर ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर (65.48) हैं। इनके बाद इंग्लैंड के जो रुट (64.00), सा. अफ़्रीका के ड्यूप्लेसिस (61.53) और इसी देश के एबी डिविलियर्स (58.76) आते हैं। तो इस लिहाज़ से भारत के लिए अच्छी ख़बर है।
आंकड़ों को देखने पर पता चलता है कि कौन सी टीम कहां खड़ी है और टीम इंडिया की राह अगर मुश्किल नहीं तो आसान भी नज़र नहीं आती।