नई दिल्ली: IPL एक तरफ जहां ताबड़तोड़ खेल की वजह से लोगों को मैदान में खींचता है वहीं नामी गरामी स्टार खिलाड़ियों की एक झलक पाने की चाहत भी दर्शकों को खींच लाती है। लेकिन इसके अलावा IPL का एक और पहलू है जो उतना ही लोकप्रिय है और जिसमें उतनी ही कशिश होती है जितनी की खेल के सुपरस्टार्स में।
IPL के पहले भारत में खेल के मैदान में चीयरलीडर्स का कोई रिवाज नहीं था। दरअसल खेल में ग्लैमर का तड़का लगाने की परंपरा पश्चिमी देशों से आई है जहां बास्केटबॉल, बेसबॉल या बॉक्सिंग में दर्शकों को लुभाने के लिए इनका भरपूर अपयोग किया गया। भारत में चीयरलीडर्स भारतीय दर्शकों से परिचय कराने का श्रेय IPL को ही जाता है। शुरु में ज़रुर इसकी कुछ आलोचना हुई लेकिन आज ये खेल का अभिन्न ग्लैमरस हिस्सा बन चुका है।
दरअसल ये कहना कि IPL का ग्लैमर बढ़ाने में चीयरलीडर्स रोल काफी अहम रहा है, अतिशोयक्ति नही होगी। मैच के दौरान हर चौके, छक्के और विकेट पर ये चीयरलीडर्स डांस करके दर्शकों का मनोरंजन करती हैं। अब दर्शक के मन में ये सवाल उठना कि ये कौन हैं, कहां से आई हैं, कितना कमाती है, बहुत लाज़मी है।
हम आपकी इसी जिज्ञासा को शांत करने के लिए चीयरलीडर्स की कमाई, उनके देश, उनके पेशे के बारे में बताने जा रहे हैं।
खेल की वेबसाइट crunchysports.com के अनुसार, एक चीयरलीडर को हर मैच के लिए 15 से 25 हज़ार रुपए तक मिल सकते हैं। ये निर्भर करता है कि वे किस टीम की चीयरलीडर है। फ़ीस के अलावा टीम के जीतने पर भी उन्हें बोनस मिलता है। इस हिसाब से देखें तो अगर पूरे सीज़न में एक टीम बिना कम से कम 14 मैच खेलती है और इसका मतलब हुआ कि चीयरलीडर की 4 लाख रुपए तक की कमाई हो जाती है।
प्रति मैच रकम: 6-12 हजार रुपए (मैच में प्रदर्शन के आधार पर)
जीत पर बोनस: 3000 रुपए
एक्स्ट्रा अपियरेंस: 7-12 हज़ार रुपए (पार्टी/इवेंट)
फोटो शूट: 5 हज़ार रुपए