कोरोनावायरस के कहर के कारण पूरा खेल जगत ठप पड़ा है। ऐसे में क्रिकेटर्स भी घर पर अपना पूरा समय बिताने पर मजबूर हैं। इस दौरान खिलाड़ी पर घर पर वर्कआउट कर रहे हैं और इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले भारतीय उप कप्तान रोहित शर्मा ने कहा था लॉकडाउन के बाद जब खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे तो गेंदबाजों से ज्यादा बल्लेबाजों को लय में आने में मेहनत करनी पड़ेगी। इस पर टीम के साथ मोहम्मद शमी ने भी सहमती जताई थी।
अब खबर आ रही है कि भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली समेत सभी खिलाड़ी अपने फिटनेस स्ट्रेंथ और रिहैब पर ध्यान दे रहे हैं। जो खिलाड़ी पिछले काफी समय से चोट से जूझ रहे थे उन खिलाड़ियों को इस लॉकडाउन का फायदा मिला है अब वह पूरे जोश और फिटनेस के साथ मैदान पर उतर सकते हैं.
टीम प्रबंधन के सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि भारतीय कप्तान विराट कोहली और अन्य खिलाड़ी अपना फिनेटस स्तर बनाए रखने पर ध्यान दे रहे हैं। ट्रेनर निक वेब और फिजियो नितिन पटेल ने इस चीज पर जोर दिया है कि रोहित शर्मा, दीपक चाहर और इशांत शर्मा जैसे जिन खिलाड़ियों के साथ चोट की समस्या थी, वे इस ब्रेक के दौरान अपने रिहैबलिटेशन पर ध्यान दें।
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सूत्र ने कहा, "खिलाड़ियों को फिट रखने और तैयार रखने का विचार है। स्ट्रेंथ और कंडिशनिंग कक्षाएं चालू हैं और जैसा कि आप जानते हैं कि उनके प्रदर्शन को वेब और पटेल द्वारा एथलीट मॉनिटरिंग सिस्टम (एएमएस) के माध्यम से परखा जाता है। जांच के बाद वे दोनों खिलाड़ियों को आवश्यक इनपुट देते हैं। इसके अलावा रिहैब पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।"
उन्होंने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं कि कोरोनावायरस से पहले कई खिलाड़ी चोटिल थे। इसलिए फिजियो इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि उन्होंने फिटनेस के स्तर को कहां तक हासिल किया है, जोकि एक एथलीट को हासिल करना चाहिए।"
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सूत्र ने कहा, "जब आप ज्यादा क्रिकेट खेल रहे होते हैं और भारतीय खिलाड़ियों की तरह यात्रा करते हैं तो आप भी चोटिल होते हैं। यह सिर्फ तेज गेंदबाजों तक ही सीमित नहीं है। यह बल्लेबाजों के लिए भी हो सकता है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर सपोर्ट स्टाफ काम कर रहे हैं। वे इस बात को सुनिश्चित कर रहे हैं कि जब खिलाड़ी दोबारा से मैदान पर लौटें तो ना केवल वे खुद को तरोताजा रखें बल्कि पूरी तरह से फिट भी रहें।"
(With IANS Inputs)