मीरपुर: इंग्लैंड के ख़िलाफ़ इसी साल जनवरी में अपना आख़िरी मैच खेलने वाले अंबाती रायडू को बांग्लादेश के साथ दूसरे वन डे में जगह दी गई तो लगा कि कप्तान धोनी को रहाणे से ज़्यादा भरोसा इस बल्लेबाज़ पर है लेकिन जिस तरह से रायडू को बल्लेबाज़ी क्रम में पीछे धकेला गया वह कुछ ओर ही कहानी बयां करती है।
74 के स्कोर पर जब विराट कोहली के रुप मे टीम इंडिया का दूसरा विकेट गिरा तो सभी को लगा कि अब रायडू क्रीज़ पर पहुंचेंगे लेकिन नज़र आए ख़ुद कप्तान धोनी जो काफी पीछे बैटिंग करते हैं।
पहला वन डे हारने के बाद तीन मैचों की सिरीज़ बचाने के लिए खेल रहे धोनी ने ये चाल बांग्लादेश को चौंकाने के लिए चली थी या फिर उन्हें रायडू पर भरोसा नहीं था? धोनी खुद भी पूरी पारी में अपने रंग में दिखाई नहीं दे रहे थे और 47 रन के लिए उन्होंने 74 बॉलें खेली।
बात जो भी हो लेकिन एक बात तो तय है कि इस चाल का रायडू पर उल्टा प्रबाव पड़ा और उनका आत्म विश्वास भी डगमगाया होगा।
रायडू ने महज़ तीन बॉल खेलकर पवैलियन की राह पकड़ ली। उस समय टीम का स्कोर 109 था। उन्हें रुबेल ने विकेट के पीछे अपना शिकार बनाया।