साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम इंडिया को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट मैच में टीम को 30 रनों से हार मिली थी। वहीं दूसरे टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से मात दी। टीम इंडिया के इस शर्मनाक हार के बाद भारत के कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी गुस्से में नजर आ रहे हैं। आर अश्विन से लेकर वेंकटेश प्रसाद और इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर ने केविन पीटरसन ने सोशल मीडिया पर भारतीय टीम को लताड़ा है। इन सभी खिलाड़ियों ने क्या कहा आइए हम आपको बताते हैं।
आर अश्विन की बात करें तो उन्होंने ट्वीट में जमकर साउथ अफ्रीकी टीम की तारीफ की और उन्होंने उसमें एक भी बार टीम इंडिया का जिक्र नहीं किया। उन्होंने लिखा कि अफ्रीकी टीम के लिए यह बहुत बड़ी कामयाबी है, उन्होंने अपनी अथॉरिटी की छाप छोड़ी है और दिखाया है कि वे WTC टाइटल के हकदार क्यों हैं।
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने कहा कि इंडिया अपने घर में कभी नहीं हारता, जब तक कि कुछ बहुत अच्छे प्लेयर्स आकर मुंबई में कुछ खास पारियां न खेलें। टेस्ट क्रिकेट में पिछले कुछ सालों में इंडिया को क्या हो गया है? इस ट्वीट के जरिए उन्होंने भी हाल के दिनों में टीम इंडिया के टेस्ट परफॉरमेंस पर हैरानी जताई है।
टीम इंडिया के इस हार पर सबसे लंबा चौरा ट्वीट पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने किया है। टेस्ट क्रिकेट में इंडिया जिस तरह से खेल रहा है, उससे सच में बहुत निराश हूं। ऑल-राउंडर का ये कैसा जुनून है वो समझ से पड़े है। खासकर तब जब आप उन्हें बॉलिंग नहीं करते। खराब टैक्टिक्स, खराब स्किल्स, खराब बॉडी लैंग्वेज और घर पर 2 सीरीज में पहले कभी नहीं हारना। उम्मीद है कि टेस्ट मैच 9 महीने दूर होने पर यह सब खत्म न हो जाए और यह नेगेटिव सोच बदल जाए।
उन्होंने आगे कहा कि टेस्ट में स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों को खिलाने की जरूरत है और घरेलू क्रिकेट में रणजी, दिलीप ट्रॉफी के आधार पर खिलाड़ियों को चुना जाना चाहिए। IPL के प्रदर्शन के आधार पर 50 ओवर में चुना जा सकता है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट के लिए रणजी और दिलीप ट्रॉफी को पैमाना होना चाहिए। यश राठौड़, शुभम शर्मा, बाबा इंद्रजीत, स्मरण रविचंद्रन ऐसे नाम हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोगों ने नहीं सुना होगा क्योंकि वे IPL नहीं खेलते हैं लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे हैं।
अंत में उन्होंने ये भी लिखा कि IPL परफॉर्मेंस के आधार पर टेस्ट टीम में 40 से कम फर्स्ट क्लास एवरेज वाले खिलाड़ियों को नहीं खिला सकते। इंडियन कंडीशन में ऑलराउंडर को सिर्फ इसलिए खिलाना क्योंकि वह बैटिंग कर सकता है, यह टेस्ट क्रिकेट खेलने का सही तरीका नहीं है। टेस्ट क्रिकेट को स्पेशलिस्ट की जरूरत है। हम सभी इंडियन क्रिकेट से प्यार करते हैं और यह देखकर दुख होता है कि पिछले डेढ़ साल में जो कुछ हो रहा है, वह सिर्फ इस गलत स्ट्रैटेजी को सही साबित करने के लिए किया जा रहा है। इंडियन क्रिकेट के हित में ऐसे ईगो पर काम नहीं किया जा सकता, सच में निराशाजनक।
टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने इस हार के बाद कहा कि भारतीय बल्लेबाजों का धैर्य और तकनीक का निराशाजनक प्रदर्शन। टेस्ट टीम में ऐसे खिलाड़ियों की ज़रूरत है जो स्पिन को बेहतर तरीके से खेल सकें।
यह भी पढ़ें
बहानेबाजी से बाज नहीं आ रहे टीम इंडिया के हेड कोच, अब किसपर फोड़ा हार का ठीकरा
शर्म मगर इनको आती नहीं, टीम इंडिया ने तोड़ डाला 21 साल पुराना ऐतिहासिक कीर्तिमान
संपादक की पसंद