करीब 128 साल बाद क्रिकेट की ओलंपिक में वापसी होने जा रही है। लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक में मेन्स और वूमेन्स दोनों में T20 फॉर्मेट के मुकाबले खेले जाएंगे। इस बीच इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी यानी IOC और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने क्वालिफिकेशन का आधिकारिक फॉर्मेट जारी कर दिया है। इन नियमों के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला होने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।
ओलंपिक में मेन्स और वूमेन्स कैटेगिरी में सिर्फ 6-6 टीमें हिस्सा लेंगी। सभी टीमें 15 खिलाड़ियों के स्क्वाड के साथ उतरेंगी। मुकाबले लॉस एंजिलिस के पोमोना में बनाए जा रहे खास क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। चूंकि केवल 6 देशों को ही जगह मिलेगी, इसलिए क्वालिफिकेशन की दौड़ बेहद कड़ी रहने वाली है।
कैसे होगा क्वालिफिकेशन?
मेन्स कैटेगिरी में कुल 6 स्थान होंगे। इनमें से पांच टीमों को सीधे क्वालिफाई करने का मौका मिलेगा, जबकि अंतिम छठा स्थान 2027 में होने वाले पहले ICC ओलंपिक क्वालिफायर के विजेता को मिलेगा। मेजबान अमेरिका को एक स्थान दिया गया है, लेकिन उसे भी एक शर्त पूरी करनी होगी। 30 जून 2026 से 31 दिसंबर 2026 के बीच अमेरिका की मेन्स टीम को कम से कम एक बार ICC T20I रैंकिंग में शीर्ष-15 में जगह बनानी होगी। तभी वह मेजबान के रूप में ओलंपिक में खेलने की पात्र होगी। IOC ने वैश्विक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए एशिया, अफ्रीका, यूरोप और ओशिनिया से एक-एक टीम की भागीदारी अनिवार्य की है। 31 दिसंबर 2026 तक अपनी-अपनी महाद्वीपीय रैंकिंग में शीर्ष पर रहने वाली योग्य टीमों को सीधे ओलंपिक का टिकट मिलेगा।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले की संभावना क्यों कम?
भारत और पाकिस्तान दोनों एशिया से आते हैं। ऐसे में एशियाई कोटे से केवल सबसे ऊपर रहने वाली एक टीम को सीधा प्रवेश मिलेगा। यदि भारत एशिया की शीर्ष टीम बनकर सीधे क्वालिफाई करता है, तो पाकिस्तान को 2027 के ICC ओलंपिक क्वालिफायर में उतरना होगा। इस क्वालिफायर में कुल आठ टीमें खेलेंगी। इनमें वे सात सर्वोच्च रैंकिंग वाली टीमें शामिल होंगी, जो महाद्वीपीय कोटे से सीधे क्वालिफाई नहीं कर सकेंगी। इस टूर्नामेंट का केवल विजेता ही ओलंपिक का आखिरी टिकट हासिल करेगा।
मौजूदा ICC रैंकिंग के अनुसार, यदि 2026 के अंत तक पाकिस्तान एशिया में भारत से पीछे रहता है, तो उसे क्वालिफायर खेलना पड़ेगा। अगर वह इस टूर्नामेंट को जीतने में नाकाम रहता है, तो पाकिस्तान ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाएगा। ऐसे में क्रिकेट फैंस को लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने का मौका नहीं मिलेगा।
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