1. Hindi News
  2. खेल
  3. क्रिकेट
  4. दिग्गज कप्तान ने 34 साल की उम्र में क्रिकेट को कहा अलविदा, अपने देश के लिए जड़ा था पहला शतक

दिग्गज कप्तान ने 34 साल की उम्र में क्रिकेट को कहा अलविदा, अपने देश के लिए जड़ा था पहला शतक

 Written By: Vanson Soral @VansonSoral
 Published : Apr 27, 2026 08:08 pm IST,  Updated : Apr 27, 2026 08:08 pm IST

महिला क्रिकेट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मैरी-ऐन मुसोंडा ने 34 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है।

Mary-Anne Musonda- India TV Hindi
वूमेन्स क्रिकेट Image Source : @ZIMBABWEWOMEN

जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली कप्तान मैरी-ऐन मुसोंडा ने आखिरकार अपने शानदार करियर पर विराम लगा दिया है। उनकी कप्तानी में टीम ने न सिर्फ इंटरनेशनल लेवल पर पहचान बनाई, बल्कि महिला क्रिकेट को देश में नई दिशा भी मिली। जिम्बाब्वे महिला टीम की कप्तान मैरी-ऐन मुसोंडा ने 27 अप्रैल को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की। 34 साल की मुसोंडा ने आखिरी बार दो साल पहले ICC महिला T20 वर्ल्ड कप 2024 क्वालीफायर में टीम का प्रतिनिधित्व किया था।

अपने फैसले के पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि बाहर से देखने पर लग सकता है कि अभी उनमें बहुत कुछ बाकी है  और कई मायनों में है भी। लेकिन यह फैसला सिर्फ प्रदर्शन या क्षमता के बारे में नहीं था। यह समय, नजरिए और शारीरिक वास्तविकता का मिश्रण था।

इंटरनेशनल क्रिकेट से अलग होने का सही समय

उन्होंने कहा कि 34 की उम्र में उन्हें यह एहसास हुआ कि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि वह खेल सकती हैं या नहीं, बल्कि यह भी है कि क्या उनके शरीर के लिए बार-बार उसी स्तर पर खेलना सही है। महिला क्रिकेट के विकास में उनकी भूमिका, युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन और जिम्बाब्वे में क्रिकेट के व्यापक योगदान उनके लिए खेलने जितना ही महत्वपूर्ण हो गया है। यह और स्पष्ट हो गया कि इंटरनेशनल क्रिकेट से अलग होने का यही सही समय है।

उन्होंने आगे कहा कि जिम्बाब्वे महिला टीम की कप्तानी करना सिर्फ नतीजों की जिम्मेदारी नहीं थी, बल्कि एक उभरते खेल की उम्मीदों को भी साथ लेकर चलना था। हम सिर्फ मैच नहीं खेल रहे थे, बल्कि अगली पीढ़ी के लिए नींव तैयार कर रहे थे, जहां हर प्रदर्शन सोच बदलने और नए अवसर खोलने में अहम था।

अपने करियर के प्रभाव पर बात करते हुए मुसोंडा ने कहा कि वह जो विरासत छोड़ना चाहती हैं, वह रिकॉर्ड्स या माइलस्टोन से कहीं ज्यादा है। यह प्रभाव के बारे में है। अगर आने वाले सालों में ज्यादा लड़कियां स्कूलों में क्रिकेट खेलें और उनके लिए ज्यादा मौके बनें, तो उनके लिए वही असली विरासत होगी।

जिम्बाब्वे के लिए खेले 70 से ज्यादा मैच

मुसोंडा ने 2019 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था और इसके बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के लिए 58 T20I और 16 ODI मैच खेले। उन्होंने T20 में 1054 और ODI में 336 रन बनाए। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2021 में आयरलैंड के खिलाफ लगाया गया ODI शतक शामिल है, जो जिम्बाब्वे महिला टीम के इतिहास का पहला शतक भी था। हालांकि, उनका योगदान सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा। टीम को इंटरनेशनल दर्जा मिलने से पहले भी वह जिम्बाब्वे क्रिकेट का अहम हिस्सा थीं। 2018 में कप्तान बनने के बाद उन्होंने महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी निभाई।

यह भी पढ़ें:

VIDEO: 'भाई मैं फोटो खिंचवाने के पैसे लेता हूं', वैभव सूर्यवंशी ने रखी ऐसी डिमांड, मासूम फैंस रह गए हैरान

KKR के युवा स्टार पर IPL का कड़ा एक्शन, आउट होने के बाद गुस्से में मैदान पर की थी ये हरकत

Latest Cricket News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Cricket से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें खेल