
शारापोवा को इसी साल अगस्त में होने वाले रियो ओलिम्पक की रूस की टीम में शामिल किया गया था। पहले यह साफ नहीं था कि वह ओलम्पिक में हिस्सा ले पाएंगी या नहीं।
शारापोवा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, "आईटीएफ न्यायाधिकरण द्वारा मेरे ऊपर लगाए गए दो साल के प्रतिबंध से यह सिद्ध होता है कि मैंने यह जानबूझ कर नहीं किया था। न्यायाधिकरण ने अपनी जांच में पाया है कि मैंने उस पदार्थ का सेवन अपने प्रदर्शन में सुधार के लिए नहीं किया था।"
शारापोवा ने लिखा, "आपको यह जानने की जरूरत है कि आईटीएफ ने न्यायाधिकरण से मुझे चार साल के लिए प्रतिबंधित करने को कहा था, लेकिन न्यायाधिकरण ने ऐसा करने से मना कर दिया।"
उन्होंने लिखा, "न्यायाधिकरण ने कहा है कि मैंने जानबूझ कर डोपिंग के नियमों का उल्लंघन नहीं किया है, इसलिए मैं इस दो साल के अनुचित प्रतिबंध को बर्दाश्त नहीं करूंगी।"
शारापोवा ने लिखा, "न्यायाधिकरण के सदस्यों को आईटीएफ ने नियुक्त किया था और अब उन्हीं ने कहा है कि मैंने जानबूझ कर नियम नहीं तोड़े हैं। बावजूद इसके वह मुझे दो साल के लिए टेनिस से दूर रखना चाहते हैं। मैं तत्काल इस फैसले के खिलाफ खेल पंचाट न्यायालय (CAS) में अपील करूंगी।"