1. Hindi News
  2. खेल
  3. अन्य खेल
  4. मैरीकोम से लेकर सरिता के मेंटर रह चुके हैं दयाल

मैरीकोम से लेकर सरिता के मेंटर रह चुके हैं दयाल

 Written By: Bhasha
 Published : Aug 23, 2016 02:36 pm IST,  Updated : Aug 23, 2016 02:36 pm IST

नयी दिल्ली: इस साल मुक्केबाजी में द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चुने गए सागर मल दयाल भारतीय महिला मुक्केबाजों के साथ 10 साल के कोचिंग करियर के दौरान कई भूमिकाएं निभा चुके हैं और वह एमसी

marry kom, sarita devi- India TV Hindi
marry kom, sarita devi

नयी दिल्ली: इस साल मुक्केबाजी में द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चुने गए सागर मल दयाल भारतीय महिला मुक्केबाजों के साथ 10 साल के कोचिंग करियर के दौरान कई भूमिकाएं निभा चुके हैं और वह एमसी मैरीकोम के अभ्यास में साथी मुक्केबाज रहने के अलावा 2014 एशियाई खेलों के विवाद के दौरान एल सरिता देवी के लिए पितातुल्य रहे। जयपुर के 48 साल के दयाल को महान हाकी खिलाड़ी ध्यानचंद के जन्मदिवस के तौर पर 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में यह सम्मान दिया जाएगा। वर्ष 1995 में कोच बनने से पूर्व स्वयं मुक्केबाज रहे दयाल 20 साल से अधिक समय से रेलवे को सेवाएं दे रहे हैं और 10 साल पहले सहयोगी स्टाफ के रूप में राष्ट्रीय महिला मुक्केबाजी टीम के साथ जुड़े।

अधिकांश समय  पर्दे के पीछे ही रहे

दयाल ने पीटीआई से कहा, मैं इस सम्मान के लिए आभारी हूं, विशेषकर महिला मुक्केबाजों का जिन्हें लगता है कि मैं इसका हकदार हूं। मैंने उनमें से कइयों के साथ काम किया है। मैरीकोम से लेकर पिंकी रानी (राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता) के साथ। अपने कोचिंग करियर के दौरान इंचियोन में 2014 एशियाई खेलों की घटना के अलावा अधिकांश समय दयाल पर्दे के पीछे ही रहे। इंचियोन में सेमीफाइनल में विवादास्पद हार के बाद सरिता ने कांस्य पदक स्वीकार करने से इनकार कर दिया था जो अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बना था।

रोती हुई सरिता का साथ दिया

स्थानीय दावेदार जिना पार्क के खिलाफ शिकस्त के बाद सरिता रोने लगी थी और उन्होंने जजों के सामने काफी विरोध किया था। दयाल ने याद किया कि वह उस समय कैसे सरिता के साथ खड़े रहे जिस दावे को इस मुक्केबाज ने भी स्वीकार किया है।

राष्ट्रीय खेल संस्थान में 1994 के बैच के कोचिंग कोर्स के टापर रहे दयाल ने कहा, यह दुखद घटना थी, मैं स्वीकार करता हूं कि मैं काफी आक्रामक हो गया था, कुछ हद तक अनुचित व्यवहार भी किया लेकिन स्थिति ऐसी ही थी। मैं उसका कोच था, वहां महिला मुक्केबाजों के लिए जिम्मेदार था, मुझे उसके साथ खड़ा ही होना था। मैं उसे अकेला नहीं छोड़ सकता था। वह काफी अच्छी लड़की है। एक साल का प्रतिबंध झेलने वाली सरिता के साथ दयाल को भी अनुशासनात्मक आरोपों का सामना करना पड़ा लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ ने बाद में उन्हें कोई सजा नहीं दी।

मैरीकोम को पांचवां विश्व खिताब जीतते हुए देखना उनके कोचिंग करियर का बड़ा लम्हा

मैरीकोम के साथ अपने जुड़ाव पर दयाल ने कहा कि 2010 में मणिपुर की इस मुक्केबाज को उसका पांचवां विश्व खिताब जीतते हुए देखना उनके कोचिंग करियर का बड़ा लम्हा है। मुक्केबाजी जगत के अधिकांश लोगों की तरह हालांकि दयाल भी देश में मुक्केबाजी की मौजूदी स्थिति से चिंतित हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Other Sports से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें खेल