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किताबों, अंग्रेजी क्लास और फिल्मों से मन बहला रहें हैं भारतीय हॉकी खिलाड़ी

 Reported By: Bhasha
 Published : Mar 24, 2020 03:13 pm IST,  Updated : Mar 24, 2020 03:13 pm IST

बेंगलुरू के साइ सेंटर में ओलंपिक की तैयारी में जुटे भारतीय हॉकी खिलाड़ी कोविड 19 महामारी के कारण परिसर से बाहर नहीं जा सकते लिहाजा अभ्यास से इतर समय का सदुपयोग अंग्रेजी सुधारने, किताबें पढने और अपनी मनपसंद बॉलीवुड फिल्में देखने में बिता रहे हैं। 

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किताबों, अंग्रेजी क्लास और फिल्मों से मन बहला रहें हैं भारतीय हॉकी खिलाड़ी Image Source : @THEHOCKEYINDIA/TWITTER

नई दिल्ली। बेंगलुरू के साइ सेंटर में ओलंपिक की तैयारी में जुटे भारतीय हॉकी खिलाड़ी कोविड 19 महामारी के कारण परिसर से बाहर नहीं जा सकते लिहाजा अभ्यास से इतर समय का सदुपयोग अंग्रेजी सुधारने, किताबें पढने और अपनी मनपसंद बॉलीवुड फिल्में देखने में बिता रहे हैं। तोक्यो ओलंपिक के स्थगित होने की पूरी संभावना के बीच भारत की पुरूष और महिला हॉकी टीमों अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही अभ्यास कर रही हैं।

पहले इन खिलाड़ियों को ब्रेक मिलना था लेकिन फिर बेंगलुरू स्थित साइ सेंटर ही रहने को कहा गया। खिलाड़ी परिसर से बाहर नहीं जा सकते और ना ही कोई अनधिकृत व्यक्ति परिसर के भीतर आ सकता है। ऐसे में कड़े अभ्यास के बीच मनोरंजन के सभी के अपने तरीके हैं। पुरूष टीम के सीनियर सदस्य गोलकीपर पी आर श्रीजेश किताबें पढकर समय काट रहे हैं।

उन्होंने भाषा से कहा , ‘‘ वैसे तो हमारा अभ्यास का रूटीन काफी व्यस्त है लेकिन रविवार और बुधवार की शाम अवकाश रहता है। ऐसे में हम फिटनेस और रिकवरी पर ज्यादा ध्यान देते हैं। मैंने दा विंची कोड, हेलर केलर की आत्मकथा पढ डाली है और कुछ अच्छी किताबें और पढना चाहता हूं।’’

केरल के रहने वाले श्रीजेश ने कहा कि ऐसे माहौल में खिलाड़ियों को घर की चिंता होना लाजमी है लिहाजा घरों पर वीडियो कॉल की संख्या भी बढ गई है । उन्होंने कहा,‘‘मेरे पापा 60 से अधिक उम्र के हैं और बच्चे सात साल से छोटे हैं। मैने उन्हें घर से बिल्कुल बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी है।’’

वहीं जालंधर के रहने वाले भारत के स्टार फारवर्ड मनदीप सिंह ने कहा कि सभी खिलाड़ी अपनी अंग्रेजी सुधारने पर जोर दे रहे हैं जिसके लिये होमवर्क भी मिलता है। उन्होंने कहा, ‘‘क्रिस सिरिएलो (भारतीय टीम के विश्लेषण कोच) की पत्नी सप्ताह में एक बार खिलाड़ियों की अंग्रेजी की क्लास लेती है। हमें किताबें पढकर असाइमनमेंट करने होते हैं और इसमें मजा आ रहा है। मैं ओलंपिक पर आधारित किताब पढ रहा हूं।’’

भारतीय महिला टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता की मां उन्हें हरियाणा के सिरसा से वीडियो कॉल पर रोज कोरोना संक्रमण से बचने के लिये घरेलू नुस्खा देती है। सविता का कहना है कि साइ सेंटर के सुरक्षित माहौल में होने से घरवाले भी निश्चिंत हैं। उन्होंने कहा ,‘‘हम अभ्यास के साथ टीम बांडिंग पर काम कर रहे हैं। वहीं सारे चेहरे रोज होते हैं तो हम रूममेट बदलकर आपसी तालमेल और बेहतर कर रहे हैं। इसके अलाव तैराकी करते हैं । मनोरंजक खेलों की जिम्मेदारी भी कुछ खिलाड़ियों को दी गई है जो कुछ ना कुछ नये खेल खिलाते हैं।’’

भारतीय महिला टीम ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन शाम पांच बजे परिसर के भीतर ही तालियां बजाकर कोरोना वायरस के खिलाफ संघर्ष में जुटे लोगों को धन्यवाद दिया था। सविता ने कहा ,‘‘हम बाहर नहीं जा रहे और जाना भी नहीं चाहते लेकिन हमें पता है कि हालात कितने कठिन है। हमें भी लगा कि पूरे देश के साथ इस मुहिम में जुडना चाहिये।’’

टीम की युवा खिलाड़ी नवनीत कौर ने बताया कि खिलाड़ी भी सफाईऔर दूरी बनाये रखने के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा ,‘‘यहां हर जगह हैंडवॉश और सेनिटाइजर रखे हैं। हम जिम भी सेनिटाइज होने के बाद इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा दूरी भी बनाकर रख रहे हैं।’’ नवनीत ने बताया कि खाली समय में खिलाड़ियों ने मीटिंग रूम में कई मनपसंद फिल्में देख डाली। उन्होंने कहा ,‘‘आम तौर पर हम बाहर शापिंग या मूवी के लिये ही जाते थे। हमने पिछले सप्ताह मिले समय में कई फिल्में देखी जिनमें पानीपत, प्यार का पंचनामा, वॉर आदि शामिल थी।’’

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