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मैरी कॉम के साथ हुए विवाद पर बोलीं निकहत- 'मैं अतीत में नहीं जीती'

 Reported By: IANS
 Published : Aug 22, 2020 04:36 pm IST,  Updated : Aug 22, 2020 04:36 pm IST

बीएफआई द्वारा संकेत दिए जाने के बाद कि ओलम्पिक क्वालीफायर्स के लिए ट्रायल्स नहीं होगी और मैरी कॉम सीधे क्वालीफायर्स खेलेंगी, तब से निकहत और मैरी कॉम के बीच विवाद गहरा गया था।

Nikhat Zareen and Mary Kom- India TV Hindi
Nikhat Zareen and Mary Kom Image Source : PTI

नई दिल्ली| साल 2020 की शुरुआत में सुर्खियां बटोरनी वाली भारत की महिला मुक्केबाज निकहत जरीन टोक्यो ओलम्पिक में क्वालीफाई न करने पाने की निराशा से आगे बढ़ चुकी हैं और अब उनका ध्यान 2022 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों पर है।

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) द्वारा इस बात के संकेत दिए जाने के बाद कि ओलम्पिक क्वालीफायर्स के लिए ट्रायल्स नहीं होगी और मैरी कॉम सीधे क्वालीफायर्स खेलेंगी, तब से निकहत और मैरी कॉम के बीच विवाद गहरा गया था।

निकहत ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी और महासंघ को ट्रायल्स करानी पड़ी थी जिसमें मैरी कॉम ने निकहत को 9-1 से हरा दिया था।

निकहत ने आईएएनएस से कहा, "हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह ओलम्पिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व करे। इसलिए जब मैं टोक्यो ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी तो मैं निराश हो गई।"

उन्होंने कहा, "लेकिन मैंने अपने कदम उठाए और विश्वास किया कि जो कुछ होता है किसी कारण से होता है और इस बारे में सोचने के बजाए हमें उसे कबूल करना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। मैंने आगे देखने का फैसला किया। मेरा ध्यान भविष्य के टूर्नामेंट्स पर है मैं उनके लिए तैयारी कर रही हूं।"

कोविड-19 के कारण हालांकि टोक्यो ओलम्पिक खेलों को एक साल के लिए टाल दिया गया और अब यह खेल 2021 में होंगे।

कोविड-19 के कारण देश में लॉकडाउन लगा था और इसी कारण मुक्केबाज ट्रेनिंग नहीं कर पाई थीं। उन्होंने इस दौरान अपने घर पर अपनी फिटनेस पर काम किया और यह सुनिश्चित किया कि वह सकारात्मक मानसिकता में रहें।

निकहत ने कहा, "आमतौर पर मेरा रूटीन कड़ी ट्रेनिंग से भरा होता है और मैं रोज बॉक्सिंग हॉल जाती हूं। लेकिन जब से लॉकडाउन शुरू हुआ तो मुझे अपना कार्यक्रम बनाए रखने में परेशानी आई क्योंकि मेरे घर में कोई उपकरण नहीं थे और यह मेरे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ पर असर डाल रहा था।"

इस मुक्केबाज ने कहा, "स्थिति के साथ तालमेल बिठाने और सीमित संसाधनों के साथ ट्रेनिंग करने के लिए मैंने कुछ उपकरण खरीदे और घर में ट्रेनिंग शुरू की। इसने आश्वस्त किया कि मैं अपनी फिटनेस बनाए रख सकूं और अपना खेल सुधार सकूं ताकि जब हालात सामान्य हो सकें तो मैं रिंग में उतरने को तैयार रहूं।"

उन्होंने कहा, "एक बार जब स्थिति सामान्य हो जाएगी तो मुझे पूरा भरोसा है कि मैं कुछ ही महीनों में अपनी फिटनेस के शीर्ष स्तर पर होउंगी।"

24 साल की इस खिलाड़ी ने कहा कि इस साल कोई टूर्नामेंट्स नहीं होना है इसलिए वे 2021 में होने वाले टूर्नामेंट्स के लिए अपनी फिटनेस और फुर्ती पर काम करेंगी।

उन्होंने कहा, "अब मैंने 2022 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों को अपना लक्ष्य बनाया है। इन टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन करने के लिए मैं तैयारी कर रही हूं।

निकहत ने कहा, "इस साल कोई टूर्नामेंट्स नहीं होने हैं इसलिए मैं अपने आप को 2021 में होने वाले टूर्नामेंट्स के लिए फिटनेस सुधारने और फुर्ती लाने की चुनौती दे रही हूं।"

निकहत ने वेल्सपन के साथ किए करार को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा, "इस सफर में वेल्सपन ने मेरा काफी साथ दिया है। मैं उनके लगातार समर्थन और मार्गदर्शन के लिए शुक्रिया अदा करती हूं। वेल्सपन मेरे खेल के कई पहलूओं का ध्यान रख रहा है जिससे मैं पूरी तरह से अपनी ट्रेनिंग पर फोकस कर पा रही हूं।"

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