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महिला खिलाड़ियों ने कोच के खिलाफ की थी उत्पीड़न की शिकायत, SAI ने एक्शन लेते हुए अब उठाया ये बड़ा कदम

 Written By: Rajeev Rai
 Published : Jun 15, 2022 06:18 pm IST,  Updated : Jun 15, 2022 06:18 pm IST

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने घरेलू और विदेश में होने वाली प्रतियोगिताओं में महिला प्रतिभागी होने की स्थिति में एक महिला कोच दल में शामिल करना अनिवार्य कर दिया।

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Sports Authority of India Image Source : TWITTER

भारतीय महिला खिलाड़ियों ने हाल ही में अपने कोच के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत की थी। इसके बाद भारतीय खेल जगत में हड़कंप मच गया था। इसे देखते हुए भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने अब बड़ा कदम उठाया है। 

साइ ने बुधवार को राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के लिये घरेलू और विदेश में होने वाली प्रतियोगिताओं में महिला प्रतिभागी होने की स्थिति में एक महिला कोच दल में शामिल करना अनिवार्य कर दिया। हाल की घटनाओं को देखते हुए साइ महानिदेशक संदीप प्रधान ने सोमवार को नये प्रोटोकॉल पर चर्चा करने के लिये 15 से ज्यादा एनएसएफ के अधिकारियों से बात की जो आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में खिलाड़ियों को भेजेंगे। 

एक महिला साइकिलिस्ट ने हाल ही में मुख्य कोच आर के शर्मा पर स्लोवेनिया में 'अनुचित व्यवहार' का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की थी। कोच को फिर बर्खास्त कर दिया गया और उनके खिलाफ विस्तृत जांच चल रही है। एक महिला सेलर (नौका चालक) ने भी जर्मनी में ट्रेनिंग दौरे के दौरान उन्हें असहज महसूस कराने की शिकायत दर्ज की थी, हालांकि उन्होंने शारीरिक उत्पीड़न की शिकायत नहीं की थी। 

साइ की विज्ञप्ति के अनुसार एनएसएफ पर कुछ 'जिम्मेदारियां' सौंपी गयी हैं जिसमें "घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिये यात्रा के दौरान महिला एथलीट होने की स्थिति में दल में महिला कोच ले जाना अनिवार्य होना" शामिल है। 

एनएसएफ को सभी राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों और विदेशी दौरों में अनुपालन अधिकारी (पुरूष और महिला) नियुक्त करने को कहा गया है। अनुपालन अधिकारी की भूमिका और जिम्मेदारियों में खिलाड़ी और अन्य के साथ नियमित रूप से संवाद करना शामिल होगा ताकि सुनिश्चित हो कि दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है और साथ ही खेलों में शारीरिक उत्पीड़न रोकने के लिये मानक परिचालन प्रक्रिया लागू करना भी शामिल होगा। 

विज्ञप्ति के अनुसार, "अन्य दायित्वों में उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि अगर कोई सदस्य उल्लघंन की रिपोर्ट करता है तो इसे जल्द से जल्द जिम्मेदार अधिकारियों को रिपोर्ट करना चाहिए।" 

महासंघों से यह भी कहा गया है कि वे 'शिविर पूर्व संवेदीकरण मॉड्यूल' डिजाइन करें और किसी भी राष्ट्रीय कोचिंग शिविर और विदेशी दौरों के शुरू होने से पहले सभी खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को एक साथ इसे प्रस्तुत करें। 

साइ ने एनएसएफ से अपने कोचिंग विभागों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने को कहा है। साइ ने विज्ञप्ति में कहा कि इन दिशानिर्देशों से सुरक्षित और सकारात्मक माहौल सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और ये सभी हितधारकों को जागरूक करेंगे कि हर वक्त उनसे खेल भावना और उचित नैतिक आचरण के मूल मूल्यों के अनुसार उचित बर्ताव की उम्मीद होगी। विज्ञप्ति में कहा गया कि साइ नैतिक आचरण को खेल स्पर्धाओं में निष्पक्ष प्रशासन में आधारशीला के तौर पर देखता है।

इनपुट: PTI

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