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इस शहर में पेट्रोल पंप पर लगेंगे ANPR कैमरे, पुरानी गाड़ियों की होगी निगरानी, जानें क्या हैं ये और कैसे करते हैं काम

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Oct 18, 2025 11:51 am IST,  Updated : Oct 18, 2025 11:51 am IST

दिल्ली-एनसीआर में पुराने गाड़ियों की निगरानी के लिए पेट्रोल पंप पर ANPR कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे पुरानी गाड़ियों की पहचान करेंगे।

ANPR Camera- India TV Hindi
एएनपीआर Image Source : UNSPLASH

दिल्ली से सटे इस शहर में पुरानी गाड़ियों की निगरानी के लिए सरकार ने नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने की तैयारी की है। शहर के 850 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाए जाएंगे, जो पुरानी गाड़ियों की जानकारी सरकार को देगी। सरकार ने इसके अलावा आसपास के जिलों में भी कैमरे लगाने की प्लानिंग की है। ANPR कैमरे के जरिए 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल गाड़ियों की पहचान की जाएगी।

हरियाणा सरकार ने राजधानी दिल्ली से सटे जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत के 851 पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाने की तैयारी की है। पहले चरण में इन चारों जिलों में ये नई टेक्नोलॉजी वाले कैमरे लगाए जाएंगे, जो पेट्रोल पंप पर फ्यूल लेने वाले वाहनों की निगरानी करेंगे। इन कैमरों को पेट्रोल पंप के एंट्री प्वाइंट पर इंस्टॉल किए जाएंगे। अगर, कोई डीजल वाहन 10 साल और पेट्रोल वाहन 15 साल से पुराने होंगे तो उन्हें फ्यूल नहीं दिया जाएगा।

क्या है ANPR कैमरा?

ANPR यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरा वाहनों के नंबर प्लेट की फोटो कैप्चर करके उस वाहन की जानकारी प्राप्त कर सकती है। ANPR कैमरे से कैप्चर किए गए फोटो को सॉफ्टवेयर की मदद से संबंधित वाहनों की पूरी जानकारी मिलेगा। यह ANPR कैमरा ऑप्टिल कैरेक्टर रिकॉग्निशन तकनीक का उपयोग करेंगे, जो नंबर प्लेट की इमेज को डिजिटल टेक्स्ट में कन्वर्ट कर देंगे। इसकी वजह से पेट्रोल पंप पर आने-जाने वाले वाहनों को ट्रैक किया जा सकेगा।

इस तकनीक के इस्तेमाल से कैप्चर की गई गाड़ियों की जानकारी का इस्तेमाल यातायात प्रबंधन, कानून प्रवर्तन और अन्य उद्येश्यों के लिए किया जाएगा। ANPR कैमरे में लगा सॉफ्टवेयर नंबर प्लेट पर उकेरे गए अल्फान्यूमेरिक टैक्स्ट की पहचान करेगा। पहचान किए गए नंबर प्लेट को परिवहन विभाग के डेटाबेस से मिलाया जाएगा, जिससे वाहन मालिक और रजिट्रेशन अड्रेस और गाड़ी की मैन्युफैक्चरिंग और रजिस्ट्रेशन डेट की डिटेल मिलती है। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवहन विभाग को इसके लिए राज्य सरकार से मंजूरी का इंतजार है। इसके बाद पहले चरण का काम शुरू किया जाएगा।

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