समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बेहद अनूठा रूप देखने को मिला। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगवान राम और हनुमान का रूप धरे हुए कलाकार आए। इस दौरान समाजवादी पार्टी के विधायकों और नेताओं के साथ मिलकर अखिलेश यादव ने इन कलाकारों को 51-51 हजार रुपये का चढ़ावा चढ़ाया और कहा कि ये चढ़ावा चोरी नहीं होगा।
इस दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार सुनियोजित तरीके से राज्य के सरकारी प्राथमिक स्कूलों को बंद कर रही है, जिससे पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के बच्चों की शिक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
सपा प्रमुख ने ग्राफ के जरिए आंकड़े पेश करते हुए बताया कि मार्च 2017 में बीजेपी सरकार बनने से पहले उत्तर प्रदेश में 1 लाख 13 हजार 938 सरकारी प्राथमिक स्कूल थे, जिनमें से अब तक 26 हजार स्कूल बंद किए जा चुके हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
अखिलेश यादव के अनुसार, सबसे अधिक 758 प्राइमरी स्कूल लखीमपुर खीरी में बंद हुए हैं। इसके अलावा सीतापुर में 650, प्रयागराज में 638 और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में लगभग 500 प्राइमरी स्कूल बंद हो चुके हैं।
सपा प्रमुख ने कहा कि जहां सरकारी प्राइमरी स्कूलों में वर्ष 2017 तक एक करोड़ 17 लाख बच्चे पढ़ रहे थे, वही आंकड़ा 2026 में घटकर लगभग 89 लाख रह रह गया है। इस घटी संख्या में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों के बच्चों की तादाद 25 लाख है।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां वर्ष 2017 तक प्रदेश के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में चार लाख शिक्षक तैनात थे, आज वही संख्या घटकर तीन लाख 40 हजार रह गई है। भर्ती करना तो दूर सरकारी आंकड़ा बताता है कि 81000 पद खाली पड़े हुए हैं।
बेटियों की शिक्षा पर बुरा असर
अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकारी प्राइमरी स्कूल बंद होने से बेटियों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ा है और जहां मार्च 2017 तक 61.57 लाख लड़कियां सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पढ़ रही थीं, वही अब उनकी संख्या घटकर 45 लाख रह गयी है। उन्होंने कहा, "जो सरकारी आंकड़े बता रहे हैं, उनमें यह बात सामने आई है कि 7 हजार सरकारी स्कूलों में बिजली नहीं है और 2300 स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय नहीं है। इसके अलावा, 576 स्कूलों में पीने का पानी उपलब्ध नहीं है और 23000 ऐसे स्कूल है, जहां कंप्यूटर की शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है।" सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान पार्टी के सभी विधायक मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगे।
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