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अस्पताल में ड्राइवर लिख रहा था मरीजों को दवा की पर्ची, वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Sep 17, 2026 03:07 pm IST,  Updated : Sep 17, 2026 03:07 pm IST

कानपुर में कांशीराम ट्रॉमा सेंटर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर की कुर्सी पर बैठा एक व्यक्ति मरीजों से बीमारी के बारे में पूछता और दवा की पर्ची लिखता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और ड्राइवर को हटा दिया गया।

Kanpur- India TV Hindi
मरीजों को दवा की पर्ची लिखता ड्राइवर Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और इलाज की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक युवक डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीजों से बातचीत करता और उन्हें दवा लिखता नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रहा युवक ईएमओ पद पर तैनात डॉ. रामकेश का ड्राइवर देव है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना के समय डॉ. रामकेश कोर्ट में एविडेंस के लिए पेशी पर गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर उनका ड्राइवर ओपीडी कक्ष में मौजूद था। वायरल वीडियो में युवक मरीजों से बातचीत करने के साथ उन्हें दवा लिखता दिखाई दे रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामला मरीजों के इलाज और उनकी सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण अस्पताल प्रशासन ने इसकी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

सीएमएस ने मांगा स्पष्टीकरण

कांशीराम अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीयूष मिश्रा के अनुसार, 14 सितंबर की शाम यह वीडियो उनके संज्ञान में आया। इसके बाद 15 सितंबर की सुबह अस्पताल में चेकिंग कराई गई, हालांकि उस समय कोई बाहरी व्यक्ति वहां नहीं मिला, सीएमएस के मुताबिक, डॉ. रामकेश से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह कोर्ट गए थे। वीडियो में दवा लिखते दिखाई दे रहे व्यक्ति के बारे में उन्होंने उसे अपना ड्राइवर होने की बात बताई।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

अस्पताल प्रशासन ने डॉ. रामकेश से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमएस ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा सामने आती है तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिलहाल वायरल वीडियो की वास्तविकता, उसमें दिखाई दे रहे युवक की पहचान और मरीजों को दवा लिखने की अनुमति उसे किस आधार पर मिली थी इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल अब सवाल यह है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में ओपीडी में मरीजों का इलाज कौन कर रहा था और उन्हें दवा लिखने का अधिकार किसने दिया?

(रिपोर्ट - अनुराग श्रीवास्तव)

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