समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में विजयी सपा उम्मीदवारों को बधाई दी है। इसके साथ ही, उन्हें जीत पर 'हो-हल्ला' करने या जुलूस नहीं निकालने की हिदायत भी दी। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए अपने पोस्ट में लिखा कि हो-हल्ला ना करें और जुलूस नहीं निकालें, जिससे भाजपा के लोगों को उसमें घुसकर माहौल को बिगाड़ने का मौका ना मिले। हुड़दंग करने का आरोप न लगा पाएं।
जोश में खोएं होश- अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने X पोस्ट में लिखा, 'आपको और आपके साथियों को जीत की बहुत-बहुत बधाई, लेकिन ध्यान रहे, हमें शांति से इसे सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों तक पहुंचाना है। कोई हो-हल्ला या जुलूस नहीं, जिससे भाजपाई हमारे बीच घुसकर माहौल को बिगाड़ न पाएं और हम पर हुड़दंग करने का आरोप न लगा पाएं। हमें हर तरह के षड्यंत्र और झूठे आरोपों से बचना है, क्योंकि सामने विधानसभा चुनाव है। भाजपा गुंडागर्दी की साजिश करके कभी भी हमारी छवि बिगाड़ सकती है। हम आप सबका अभिनंदन स्वयं करेंगे, हो सका तो आपके क्षेत्र में आकर करेंगे। इस बीच आप सभी जीते हुए एमएलसी, उन लोगों की लिस्ट बना लीजिए, जिन्होंने इस जीत में आपका समर्थन-सहयोग करके आपको जिताया है। हम ऐसे सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और शुभचिंतकों का भी सम्मान करेंगे।'
विधानसभा चुनाव से पहले सावधान हैं अखिलेश
गौरतलब है कि अखिलेश यादव की यह अपील ऐसे वक्त में आई है, जब वह आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की छवि को लेकर सावधान रहने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं। वह अपने कार्यकर्ताओं को समझा रहे हैं कि ऐसा कोई काम नहीं करना है, जिससे उनके विरोधियों को आरोप लगाने का मौका मिले।
यूपी MLC चुनाव का रिजल्ट
बता दें कि उत्तर प्रदेश की 11 MLC सीटों के नतीजे आ गए हैं। बीजेपी और समाजवादी पार्टी में कड़ी टक्कर दिख रही है। बीजेपी अब तक चार सीट जीत चुकी है और दो पर बढ़त बनाए हैं। समाजवादी पार्टी ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की है। साथ ही, आगरा शिक्षक सीट भी अपने नाम कर ली है और तीन सीटों पर आगे चल रही है। एमएलसी का जो रिजल्ट आया, उसे लेकर अखिलेश यादव काफी जोश में हैं।
अखिलेश ने बताया PDA का नया मतलब
इस बीच, अखिलेश यादव ने PDA में A को A फॉर अग्रवाल और A फॉर अग्रहरि भी बता दिया है। साथ ही, कार्यकर्ताओं को समझा रहे हैं कि जोश में होश ना खोए। अपनी खुशी को शांति से सेलिब्रेट करें ताकि बीजेपी उनकी जीत को गुंडागर्दी ना बताने लगे। इन नतीजों के जरिए बीजेपी जहां अपनी सियासी ताकत दिखाना चाहती है तो दूसरी तरफ अखिलेश पीडीए के दम पर 2027 में सत्ता में वापसी का दावा कर रहे हैं।