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गाजियाबाद की गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी के 2 टावर गिराए जाएंगे, चार अन्य टावरों की दो-दो मंजिलें भी होंगी ध्वस्त

 Written By: Khushbu Rawal
 Published : Oct 28, 2026 02:02 pm IST,  Updated : Oct 28, 2026 02:14 pm IST

गाजियाबाद की गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी में अवैध निर्माण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोसायटी के 2 टावर गिराए जाएंगे। ध्वस्तीकरण के खर्च की वसूली बिल्डर से होगी। साथ ही हाईकोर्ट ने बिल्डर पर 25 लाख का हर्जाना भी लगाया है।

गुलमोहर ग्रीन्स...- India TV Hindi
गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी Image Source : REPORTER INPUT

गाजियाबाद की गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी में अवैध निर्माण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए 2 टावरों को पूरी तरह ध्वस्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने टावर नंबर 27 और 28 को गिराने के साथ ही चार अन्य टावरों की नौवीं और दसवीं मंजिल भी ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से सोसायटी के निर्माण और उसे मंजूरी देने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बिल्डर पर 25 लाख रुपये का हर्जाना लगाया

अदालत ने टावर नंबर 16, 17, 18 और 19 की नौवीं और दसवीं मंजिल को दो महीने के भीतर हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही बिल्डर पर 25 लाख रुपये का हर्जाना लगाया गया है। यह रकम एक महीने के भीतर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि बिल्डर ने अनिवार्य पूर्णता प्रमाणपत्र प्राप्त किए बिना ही फ्लैटों का कब्जा दे दिया। इससे सोसायटी में रहने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ी। 

गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी।
Image Source : REPORTER INPUTगुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी।

GDA अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश

हाईकोर्ट ने बिल्डर के खिलाफ दो सप्ताह के भीतर FIR दर्ज करने और मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी से कराने का निर्देश भी दिया है। अदालत ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और जिम्मेदार निरीक्षक के निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

मामले में निर्माण को नियमित करने, भारतीय वायुसेना की अधिग्रहित जमीन को भूखंड के क्षेत्रफल में शामिल करने और सोसायटी के साझा क्षेत्रों की बिक्री से जुड़े विवाद सामने आए थे। अदालत ने साझा क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें सोसायटी को वापस दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।

इससे पहले नोएडा के ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण ने पूरे देश में सुर्खियां बनाई थीं। इस अवैध बिल्डिंग को गिराने में विदेशी कंपनी की भी मदद ली गई थी। देश में ये अपनी तरह का पहला मामला था, जब हजारों किलो विस्फोटक से इतने भीमकाय टावर को गिराया गया हो। 

(रिपोर्ट- जुबैर अख्तर)

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