अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में हंगामा लगातार जारी है। SIT की ओर से इस मामले की जांच की जा रही है। आपको बता दें कि अभी तक तो सिर्फ चढ़ावे में पैसे की चोरी की जांच हो रही है लेकिन ये तो अभी तक पता ही नहीं है कि रामलला को कितने आभूषण चढ़ाए गए और ये सारे गहने कहां चले गए। तमाम ऐसे भक्त हैं जिन्होंने मंदिर के भूमि पूजन से लेकर अब तक रामलला को सोने चांदी के आभूषण अर्पित किए थे। किसी ने गहने दिए, किसी ने चांदी की ईंटें भेजीं, किसी ने चांदी की खड़ाऊं, किसी ने चांदी के दीपक दान किए। अब ऐसे सारे लोग जानना चाहते हैं कि उन्होंने राम मंदिर के नाम पर जो दान दिया कहीं उसकी चोरी तो नहीं हो गई।
मंदिर में नहीं दिखा 3 किलो चांदी का दीपक- अनुराग रस्तोगी
राजू मनवानी जैसे बहुत से भक्त हैं, सब यही जानना चाहते हैं कि उन्होंने जो दान दिया, उसका सही इस्तेमाल हुआ या नहीं। इंडियन बुलियन ऐंड जूलर्स एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने भी भगवान राम के लिए तीन किलो चांदी का एक दीपक दान किया था। उसके बाद, उन्होंने अपने बिजनेस से जुड़े दूसरे लोगों को भी रामलला के नाम पर दान के लिए प्रेरित किया। दो बार में चालीस किलो से ज़्यादा चांदी इकट्ठी करके, उसे राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के हवाले किया। अनुराग ने बताया कि उन्हें तो इस दान की रसीद भी मिली थी। कुछ दिन तक मंदिर में चांदी के इस दीपक का इस्तेमाल भी हुआ लेकिन बाद में वो दीपक दिखा नहीं। अनुराग ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि चांदी का दीपक ट्रस्ट के पास है या नहीं लेकिन जब से चढ़ावे में चोरी की खबर देखी है तो सवाल उनके मन में भी उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, अनुराग रस्तोगी ने 7 जुलाई 2020 को राम मंदिर में तीन किलो का चांदी का दीपक (अखंड ज्योति) दान किया था। तब भगवान टेंट से निकलकर अस्थाई मंदिर में विराजमान थे। अनुराग का कहना है कि तब दीपक की कीमत लगभग पौने दो लाख थी (आज करीब दस लाख कीमत हो गई है)। दीपक अस्थाई मंदिर में था। इसके अलावा एसोसिएशन की तरफ से करीब चालीस किलो चांदी दी गई थी जिसकी कीमत उस समय करीब इक्कीस लाख रुपये और आज के हिसाब से एक करोड़ बीस लाख रुपये है। अनुराग का कहना है कि जब भव्य मंदिर बना तो उन्हें न अपना दीपक कहीं दिखाई दिया ना ही बाकी चांदी का पता चला।
मंदिर में दो सौ किलो चांदी दान की थी- राजू मनवानी
रामलला को आभूषण चढ़ाने वाले कई लोग सामने आए हैं। मुंबई के राजू मनवानी ने बताया कि उन्होंने राम मंदिर में दो सौ किलो चांदी दान की थी। राजू मनवानी सिंधी समाज के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट हैं। राजू मनवानी ने बताया कि दुनिया भर में बसे सिंधी समाज के लोगों ने मिलकर चांदी की दो सौ ईंटें इकट्ठा की थीं। राजू मनवानी ने ये ईंटें राम मंदिर ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी, चंपत राय को सौंपी थीं। 26 जनवरी 2021 को अयोध्या में इसके लिए बाक़ायदा एक प्रोग्राम हुआ था, तस्वीरें खींची गईं, वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई थी। राजू मनवानी ने कहा कि उन्होंने सपने में भी सोचा था कि रामलला के दरबार में भी चोरी हो सकती है। इसीलिए न तो उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से इस दान की कोई रसीद मांगी और न उनको कोई रसीद दी गई। लेकिन, जिन लोगों ने चांदी की ईंटें दान की थीं, वो अब राजू मनवानी से पूछ रहे हैं कि आखिर सिंधी समाज के इस चढ़ावे का हुआ क्या?
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