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स्नान पर्व और मेलों के आयोजन के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और सतर्कता पर जोर, सीएम योगी ने की समीक्षा बैठक

 Reported By: Vishal Pratap Singh, Edited By: Niraj Kumar
 Published : Nov 03, 2025 11:14 pm IST,  Updated : Nov 03, 2025 11:14 pm IST

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शासन स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति रही।

Yogi Adityanath- India TV Hindi
योगी आदित्यनाथ Image Source : PTI

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि आगामी पर्व-त्योहारों और मेलों के अवसर पर प्रदेश में 'स्वच्छता सुरक्षा और सतर्कता' सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का कार्य है। प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हर अधिकारी का दायित्व है। भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि स्नान घाटों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर अराजक या अवांछनीय तत्वों की उपस्थिति किसी भी दशा में न होने पाए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि माहौल पूर्णतः शांतिपूर्ण, सुरक्षित और श्रद्धाभाव से भरा रहे।

मुख्यमंत्री सोमवार देर रात प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, धान खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न विषयों पर समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शासन स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली, गुरु नानक जयंती, ददरी मेला (बलिया) और गढ़मुक्तेश्वर मेला (हापुड़) जैसे आयोजनों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

चाक-चौबंद होनी चाहिए# सुरक्षा व्यवस्था 

उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों पर लाखों श्रद्धालु घाटों और मेलों में पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। घाटों पर पर्याप्त प्रकाश, फ्लोटिंग बैरियर, सीसीटीवी कैमरे, स्वास्थ्य उपकेंद्र, मोबाइल टॉयलेट, खोया-पाया केंद्र और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। 

स्नान घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों का जलस्तर अभी ऊंचा है और प्रवाह तेज है, इसलिए स्नान घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। उन्होंने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की सक्रिय तैनाती के निर्देश देते हुए कहा कि बिना लाइफ जैकेट के कोई भी नाविक या पर्यटक बोटिंग न करे। काशी में देव दीपावली, अयोध्या, प्रयागराज, हापुड़, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, बदायूं और बलिया जैसे जिलों में सर्वाधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी के दौरान ‘रील’ बनाने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती कतई न की जाए, ताकि जनसेवा के कार्य में अनुशासन और मर्यादा बनी रहे।

किसानों को मुआवजे में परेशानी न हो

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीद की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहे और किसानों को असुविधा न हो। किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका स्वीकार्य नहीं होगी। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खाद एवं उन्नत बीजों की पर्याप्त उपलब्धता हर जनपद में सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने हाल की वर्षा से प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वेक्षण कर बिना विलम्ब क्षतिपूर्ति का भुगतान नियमानुसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को मुआवजे के लिए किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अवैध खनन पर कड़ा रुख

अवैध खनन को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विशेष टीम गठित कर औचक निरीक्षण कराए जाएं। यदि किसी भी क्षेत्र में अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिलाधिकारी स्वयं इन स्थलों का निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि प्रत्येक गोवंश को चारा-पानी और चिकित्सा की समुचित सुविधा मिले। उन्होंने आशा, आंगनबाड़ी, रसोइया तथा मानदेय पर कार्यरत कर्मियों को हर माह समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 'विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 72 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। जौनपुर, गाजीपुर, हरदोई, प्रतापगढ़, बिजनौर, गोरखपुर, बरेली, सोनभद्र और गोंडा सहित कई जिलों से लोगों ने विकास के उपयोगी विचार साझा किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए ताकि उत्तर प्रदेश के विकास का रोडमैप जनता के सुझावों से और सशक्त बने।

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