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मुश्किल में घिरे चंद्रशेखर आजाद, कोर्ट ने जारी किया गैर जमानती वारंट; जानें क्या है 8 साल पुराना मामला

 Reported By: Sanjay Sah,  Written By: Amar Deep
 Published : Oct 02, 2026 02:22 pm IST,  Updated : Oct 02, 2026 02:24 pm IST

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। गाजियाबाद की अदालत ने आठ साल पुराने मामले में यह वारंट जारी किया है। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले चंद्रशेखर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी।- India TV Hindi
चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी। Image Source : PTI/FILE

सांसद चंद्रशेखर आजाद की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। दरअसल, गाजियाबाद MP-MLA कोर्ट ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ NBW जारी किया है। बता दें कि गाजियाबाद के साहिबाबाद थाने में दर्ज वर्ष 2018 के एक मामले में गाजियाबाद की MP-MLA कोर्ट ने आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह मामला शादी समारोह में धर्मेंद्र नामक युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मारने से जुड़ा है।

चंद्रशेखर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

दरअसल, नगीना से लोकसभा सांसद और आजाद समाज पार्टी (ASP) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। गाजियाबाद की MP-MLA अदालत ने उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। लगातार अदालत की अनदेखी करने पर यह कदम उठाया गया है। कोर्ट में पेश नहीं होने पर चंद्रशेखर के खिलाफ संपति कुर्क की कार्रवाई भी हो सकती है। इस वारंट के साथ-साथ अदालत ने सांसद की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

क्या है 2018 का यह मामला?

यह पूरा विवाद करीब 8 साल पुराना है। मामला साहिबाबाद थाना क्षेत्र का है, जहां साल 2018 में एक शादी समारोह के दौरान चंद्रशेखर और उनके साथ मौजूद लोगों की एक युवक धर्मेंद्र कुमार से बहस हो गई थी। पीड़ित धर्मेंद्र कुमार की शिकायत के अनुसार, शादी समारोह में उसके साथ मारपीट की गई और उसे धमकियां भी दी गईं। इस मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 323 और 305 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता के वकील ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच पूरी कर चुकी है और अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) भी दाखिल की जा चुकी है। अब मामले की सुनवाई चल रही है।

क्यों लिया गया इतना सख्त एक्शन?

इस मामले की सुनवाई के लिए अदालत की तरफ से चंद्रशेखर आजाद को कई बार समन भेजे गए थे। इसके बावजूद वह लगातार कोर्ट से गैरहाजिर रहे। गुरुवार को भी जब वह अदालत में पेश नहीं हुए, तो कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए वारंट और जब्ती का आदेश सुना दिया। यह अदालती कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चंद्रशेखर आजाद अपनी पार्टी के विस्तार के लिए लगातार रैलियां और जनसंपर्क कर रहे हैं। ऐसे में यह कानूनी अड़चन उनके सियासी अभियानों की रफ्तार धीमी कर सकती है। (इनपुट- जुबैर अख्तर)

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