उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के पीआई-1 सेक्टर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में खाताधारकों के करोड़ों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आसपास के गांवों के किसानों, मजदूरों और सेक्टर-सोसाइटी में रहने वाले लोगों के बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा रकम को उनकी जानकारी के बिना दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। किसी खाताधारक के खाते से 35 लाख, किसी के खाते से 40 लाख तो किसी के खाते से करीब एक करोड़ रुपये ट्रांसफर होने का दावा किया जा रहा है।
खाताधारकों का चेक बाउंस
मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब कुछ खाताधारकों ने जरूरत पड़ने पर बैंक में चेक लगाया, लेकिन चेक बाउंस हो गया। इसके बाद वे बैंक पहुंचे और अपने खातों की जांच कराई। आरोप है कि बैंक रिकॉर्ड में रकम ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई। कुछ खाताधारकों का कहना है कि उनकी पासबुक में पूरी रकम और लेनदेन की एंट्री दर्ज है, लेकिन खाते में वास्तविक राशि मौजूद नहीं है।
बिना जानकारी के दूसरे खाते में ट्रांसफर की गई रकम
खाताधारकों का आरोप है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना रकम ऐसे दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई, जिनके खाताधारकों के नाम समान बताए जा रहे हैं। हालांकि, रकम किन खातों में और किसके निर्देश पर ट्रांसफर की गई, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बैंक में अटैच मोबाइल नंबर किया गया बंद
बैंक में एक करोड़ रुपए थे। 10 लाख, 20 लाख, 15 लाख करके बैंक के लोग ट्रांसफर करते गए। बैंक से अटैच मोबाइल नंबर बंद कर दिए ताकि पता न लगे कितने पैसे निकल रहे हैं। जब जरूरत पड़ी कस्टमर को 10 लाख की तो बैंक ने ही 10 लाख, कभी 15 लाख वापिस अकाउंट में डाले। ताकि शक न हो।
इन लोगों पर जताया जा रहा संदेह
मामले में बैंक की शाखा प्रबंधक रानी और सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत एक महिला कर्मचारी पर भी संदेह जताया जा रहा है। फिलहाल, ये आरोप हैं और जांच के निष्कर्ष सामने आने बाकी हैं। मामले के सामने आने के बाद PNB ने एहतियातन शाखा के कर्मचारियों को घर बैठाकर आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
बैंक के कर्मचारी सस्पेंड
बताया जा रहा है कि करीब 10 से 12 कर्मचारियों को सस्पेंड कर बैंक के स्टाफ को बदल दिया गया है। उनकी जगह दूसरी शाखाओं से बैंक अधिकारियों तथा कर्मचारियों को तैनात किया गया है। बैंक की ओर से की जा रही जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।
FIR और CBI जांच की मांग
मामले की जानकारी मिलने के बाद किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी और प्रभावित खाताधारक बैंक पहुंचे। उनका कहना है कि कई किसानों के खातों में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे की लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक की रकम जमा थी। अब रकम ट्रांसफर होने से खाताधारकों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से शिकायत कर मामले में FIR दर्ज करने और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। खाताधारक और संगठन के लोग कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। स्थिति को देखते हुए बैंक के बाहर PAC भी तैनात की गई है।
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