कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग करना सीनियर विद्यार्थियों को भारी पड़ गया। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की जांच के बाद अब तक 17 सीनियर छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक छात्र पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कॉलेज प्रशासन की इस कार्रवाई से विद्यार्थियों के बीच अनुशासन और रैगिंग के खिलाफ सख्ती का संदेश देने की कोशिश की गई है।
वायरल वीडियो के बाद हरकत में आया कॉलेज प्रशासन
पूरा मामला राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई का है। यहां जूनियर एमबीबीएस छात्रों के साथ कथित तौर पर अभद्रता और प्रताड़ना किए जाने की शिकायत सामने आई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में आरोप लगाया गया कि सीनियर छात्रों ने जूनियर विद्यार्थियों को कमरे में बंद कर उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें परेशान किया।
वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। कॉलेज प्रशासन ने इसकी जांच कराई और आरोपों के आधार पर संबंधित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। शुरुआती चरण में सात सीनियर छात्रों पर कार्रवाई की गई थी। अब 10 अन्य विद्यार्थियों को भी कार्रवाई के दायरे में लाया गया है। इस तरह कुल 17 छात्रों को तीन महीने के लिए सस्पेंड किया गया है। निलंबन के अलावा सभी छात्रों पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। यानी जुर्माने की कुल राशि 4.25 लाख रुपये है।
जूनियर छात्रों को शिकायत करने की सलाह
रैगिंग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने जूनियर विद्यार्थियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। छात्रों से कहा गया है कि यदि कोई सीनियर उन पर जबरन मोबाइल नंबर साझा करने का दबाव बनाता है या उनकी अनुमति के बिना लगातार संदेश भेजकर परेशान करता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी किसी भी घटना की जानकारी कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी को देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि छात्र बिना किसी डर के अपनी परेशानी सामने रख सकें और कॉलेज परिसर में सुरक्षित माहौल बना रहे।
जुर्माना बढ़ाने पर विचार
मेडिकल कॉलेज प्रशासन रैगिंग के मामलों को रोकने के लिए आगे भी सख्ती बरतने की तैयारी में है। इसके लिए एंटी रैगिंग कमेटी की आपात बैठक बुलाने की बात कही गई है। बैठक में मौजूदा नियमों की समीक्षा करने के साथ जुर्माने की राशि बढ़ाने और अन्य कड़े कदम उठाने पर विचार किया जाएगा।
(रिपोर्ट: वरुण द्विवेदी)
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