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सड़कों की बदहाली पर जेन अल्फा का आक्रोश, BSA ने गोद में उठाया निकल गए गांव की ओर

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Aug 24, 2026 03:32 pm IST,  Updated : Aug 24, 2026 03:33 pm IST

महोबा में जेन अल्फा अपनी शिकायतें लेकर डीएम के पास पहुंचा तो मामला काफी गंभीर निकला। इस पर बीएसए खुद ही बच्चों को गोद में उठाकर गांव की ओर निकल गए, ताकि पता चले कि सड़क की हालत कैसी है।

BSA holding a child in his lap in Mahoba- India TV Hindi
महोबा में एक बालक को गोद में उठाए बीएसए Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के महोबा में जेन अल्फा अब अपने अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन के सामने आवाज उठाने लगा है। यहां के सैकड़ों बच्चों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। बच्चों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं भी मौजूद रहीं। जेन अल्फा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर गांव की खस्ताहाल सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त कर पक्की सड़क निर्माण की मांग की। इसी दौरान बीएसए ने तत्काल कदम उठाते हुए बच्चों से गांव चलने के लिए कहा, ताकि वे खुद देख सकें कि सड़क का हाल क्या है।

गांव तक जाने के लिए नहीं है पक्की सड़क, पगडंडी से होकर जाना पड़ता है

कागजों में दुरुस्त सड़क, जमीन पर कीचड़ और दलदल बच्चों ने अपने गांव की बदहाल सड़कों की हकीकत सोमवार को महोबा डीएम के सामने रखी। बच्चों ने बताया कि इलाहीपुरा ग्योड़ी गांव खन्ना मुख्य मार्ग से करीब 500 मीटर अंदर स्थित है। गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है। केवल एक कच्ची पगडंडी है। बारिश के दौरान इस रास्ते पर कीचड़ और जलभराव हो जाता है, जिससे बच्चों को इसी रास्ते से स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। बीमार महिलाओं, बुजुर्गों और प्रसूताओं के लिए भी मुख्य मार्ग तक पहुंचना मुश्किल होता है।

बारिश के मौसम में पानी और कीचड़ से निकलना हो जाना है काफी ज्यादा मुश्किल

ग्राम दिसरापुर बिलवई में हजरत इब्राहिम शहीद दरगाह से रेलवे पटरी तक जाने वाले मार्ग की स्थिति भी बेहद खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पक्की सड़क या खड़ंजा नहीं है और बारिश के बाद रास्ता घुटनों तक कीचड़, मलबे और दलदल में तब्दील हो जाता है।बच्चों ने बताया कि खराब रास्ते के कारण आए दिन बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। उनके कपड़े, जूते और स्कूल बैग खराब हो जाते हैं, जबकि कई बच्चे चोटिल भी हो चुके हैं। रास्ते की बदहाली के चलते कुछ अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से भी कतरा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि आपात स्थिति में 102 और 108 एंबुलेंस सहित अन्य वाहन गांव तक पहुंचने में मुश्किल होती है। गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को चारपाई पर ले जाकर दलदली रास्ता पार कराने की नौबत आ जाती है। 

बच्चों के साथ ही गांव की ओर निकल गए बीएसए

कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से दोनों गांवों की सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की। बच्चों का कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में उनका दैनिक जीवन और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने तत्काल बच्चों की शिकायत का संज्ञान लिया और बच्चों से गांव चलकर सड़क दिखाने को कहा। साथ ही उन्होंने आश्वाशन दिया कि सड़क खराब होने पर जल्द सही कराई जाएगी और खुद बच्चों के ही साथ निकल गए। 

महोबा से शांतनु सोनी की रिपोर्ट 

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