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कानपुर में बाढ़ राहत कैंप में बांटी एक्सपायरी सिरप? बच्चों की तबीयत बिगड़ी, CMO बोले- सरकारी सप्लाई में नहीं थी

 Written By: Khushbu Rawal
 Published : Sep 09, 2026 03:53 pm IST,  Updated : Sep 09, 2026 03:53 pm IST

कानपुर के बर्रा स्थित मायापुरम इलाके में बाढ़ प्रभावित परिवारों को एक्सपायरी दवाएं बांटने का मामला सामने आया है। सिरप पीने के बाद बच्चों को उल्टियां होने लगी। इसके अगले दिन लोगों ने दवा लेने से इनकार कर दिया।

बर्रा मायापुरम में...- India TV Hindi
बर्रा मायापुरम में करीब 20 परिवारों को बांटी गई थीं ये दवा। Image Source : REPORTER INPUT

यूपी के कानपुर में पांडु नदी का बढ़ता जलस्तर बर्रा मायापुरम के लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। घरों में पानी और संक्रमण के खतरे के बीच बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत के तौर पर बांटी गई दवाओं में कथित तौर पर एक्सपायरी सिरप मिलने का मामला सामने आया है। परिजनों का दावा है कि जुलाई 2026 में एक्सपायर हो चुके सिरप को पीने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां होने लगीं। बच्चों को प्राइवेट डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया।

सरकारी सप्लाई में नहीं था, फिर कहां से आया एक्सपायरी सिरप?

अब राहत कैम्प में एक्सपायरी सिरप का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर सामने आए सिरप की जांच कराई जा रही है। उनका कहना है कि संबंधित दवा सरकारी सप्लाई में वर्ष 2025 में आई थी, लेकिन हाल में यह दवा किसी स्वास्थ्य टीम को वितरित नहीं की गई थी और स्टॉक में भी उपलब्ध नहीं है।

करीब 20 परिवारों को बांटी गई थीं दवाएं

जानकारी के मुताबिक, सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मायापुरम इलाके में करीब 20 बाढ़ प्रभावित परिवारों को दवाएं बांटने पहुंची थी। इसी दौरान एक सिरप भी वितरित किया गया। परिजनों का आरोप है कि बोतल पर दर्ज मियाद जुलाई 2026 में खत्म हो चुकी थी। बर्रा मायापुरम निवासी जयपाल और मीना के 4 वर्षीय बेटे ऋषभ को भी सिरप दिया गया था। मीना के मुताबिक, सिरप पीने के बाद बच्चे को उल्टियां होने लगीं। उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां इलाज के बाद हालत में सुधार हुआ। इसी तरह सोनम-रिंकू के 3 वर्षीय बेटे रुद्र और अंकिता-अजय के 3 वर्षीय बेटे आयुष की तबीयत बिगड़ने की बात भी परिजनों ने कही है। हालांकि, बच्चों की तबीयत खराब होने का सीधा कारण सिरप ही था या कोई अन्य वजह, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।

बाढ़ प्रभावित लोगों ने दवा लेने से किया इनकार

एक साथ बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायत के बाद इलाके में दवा को लेकर अविश्वास पैदा हो गया। कुछ परिवारों ने सिरप और दूसरी दवाएं फेंक दीं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा दवाएं लेकर मायापुरम पहुंची तो बाढ़ प्रभावित लोगों ने दवा लेने से इनकार कर दिया। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि पहले दवाओं की मियाद, बैच नंबर और सप्लाई की पूरी जानकारी स्पष्ट की जाए। उनका कहना था कि बाढ़ के बीच बीमारी से बचाव के लिए दी जा रही दवा ही संदिग्ध हो तो उसे लेने का जोखिम नहीं उठाया जा सकता।

इलाज के लिए 100 रुपये देने की पेशकश का आरोप

ऋषभ की मां मीना ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गलती से सिरप दिए जाने की बात कही और बच्चे के इलाज के लिए 100 रुपये देने की पेशकश की। परिवार ने रुपये लेने से इनकार कर दिया। परिजनों का सवाल है कि अगर बच्चे की हालत ज्यादा गंभीर हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती। उनका कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा के दौरान राहत सामग्री और दवाओं की गुणवत्ता की जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

CMO बोले- सरकारी सप्लाई में नहीं था यह सिरप

मामले में CMO डॉ. हरिदत्त नेमी ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद संबंधित दवा के बैच नंबर और सप्लाई चैन की जांच कराई जा रही है। उनके मुताबिक, यह दवा वर्ष 2025 में विभाग की सप्लाई में आई थी, लेकिन अब स्टॉक में नहीं है और हाल में किसी स्वास्थ्य टीम को वितरित नहीं की गई। CMO के अनुसार सरकारी दवाओं की सप्लाई की रजिस्टर में एंट्री होती है और वितरण से पहले उनकी एक्सपायरी डेट भी देखी जाती है। ऐसे में यह सिरप स्वास्थ्य शिविर तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, अगर सोशल मीडिया पर मामले को लेकर गलत जानकारी फैलाने की पुष्टि होती है तो उस पहलू की भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, आपको बता दें कि कानपुर में H1N1 का खतरा भी बढ़ गया है। कानपुर में H1N1 के नए मामले मिलने और एक 30 वर्षीय युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। 

(रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव)

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