1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. वाराणसी में जलभराव पर बड़ा एक्शन, पम्प बंद रखने पर जल निगम के अधिशासी अभियंता निलंबित

वाराणसी में जलभराव पर बड़ा एक्शन, पम्प बंद रखने पर जल निगम के अधिशासी अभियंता निलंबित

 Reported By: Ruchi Kumar,  Edited By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Sep 14, 2026 07:42 pm IST,  Updated : Sep 14, 2026 07:42 pm IST

वाराणसी में भारी बारिश के दौरान चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन और गोईठहां STP के पंप बंद रखने पर योगी सरकार ने सख्त कदम उठाया है। इस लापरवाही के कारण शहर में जल निकासी प्रभावित हुई और जलभराव की स्थिति बन गई।

Yogi Sarkar- India TV Hindi
योगी सरकार Image Source : PTI

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भारी बारिश के दौरान शहर को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है और जल निकासी व्यवस्था में लापरवाही बरतने के आरोप में उत्तर प्रदेश जल निगम के अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सरकार की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि जनसुविधाओं से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

3 और 4 सितंबर को बंद रहे थे पंप 

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि 3 और 4 सितंबर को भारी बारिश के बावजूद चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) पर लगे पंपों को समय पर नहीं चलाया गया और वे बंद पड़े रहे। बारिश के समय पंप बंद रहने के कारण सीवर लाइनों पर क्षमता से अधिक दबाव बन गया, जिससे पानी सही समय पर बाहर नहीं निकल सका। इसके परिणामस्वरूप शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया और आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

गेट और बैरियर लगाने में भी लापरवाही 

जांच में यह बात भी सामने आई कि चौकाघाट पम्पिंग स्टेशन पर नदी के बैकफ्लो यानी उल्टे बहाव के पानी को रोकने के लिए आवश्यक गेट या बैरियर लगाने से संबंधित कोई ठोस योजना या आकलन तैयार नहीं किया गया था। इसके साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का भी सही ढंग से पालन नहीं किया गया।

नगर विकास मंत्री का निरीक्षण और कड़ी चेतावनी

नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने 12 और 13 सितंबर को वाराणसी का दौरा कर जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर जायजा लिया था। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था और जलभराव को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की थी और अधिकारियों को जल निकासी के प्रबंध युद्धस्तर पर ठीक करने का निर्देश दिया था।

विभागीय जांच शुरू और कानपुर कार्यालय से संबद्ध 

अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली के तहत विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र) के कार्यालय से संबद्ध किया गया है, जहाँ वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के हकदार होंगे।

यह भी पढ़ें 

यूपी में चली तबादला एक्सप्रेस, 14 IAS और 34 PCS अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर, देखें लिस्ट

नकली नोटों के बाद अब नकली सिक्कों का अंतर्राज्यीय नेटवर्क, सहारनपुर में 1.20 लाख के सिक्के जब्त

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।