उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक प्राइवेट अस्पताल को अवैध तरीके से गर्भपात करने और नवजातों की खरीद-फरोख्त में शामिल होने के आरोपों के चलते स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है। स्टिंग ऑपरेशन से ये मामला खुलकर सामने आया है। इससे जिले में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बुधवार को सील किया गया अस्पताल
अधिकारियों ने बताया कि एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद शुरू की गई जांच में कोपागंज थाना क्षेत्र के दोस्तपुर इलाके स्थित कृष्णा अस्पताल के कामकाज में गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई थी, जिसके बाद परिसर को बुधवार को सील कर दिया गया।
अस्पताल में कई कमियां और मानकों का उल्लघंन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में आया। इसके बाद लखनऊ से आरोपों की जांच के निर्देश जारी किए गए। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरएन सिंह ने बताया कि जांच में अस्पताल में कई कमियों और तय मानकों के उल्लंघन का खुलासा हुआ।
नोटिस जारी कर मांगा गया था जवाब
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए 3 दिन का समय दिया गया था, लेकिन न तो प्रबंधन की ओर से कोई व्यक्ति जांच समिति के सामने पेश हुआ और न ही कोई जवाब दिया गया।
मिली थीं कई शिकायतें
डॉक्टर आरएन सिंह ने कहा, 'नोटिस का जवाब न मिलने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। अस्पताल के खिलाफ अवैध तरीके से गर्भपात करने और नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त में शामिल होने की शिकायतें मिली थीं। सभी आरोपों की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'
ऊपरी मंजिल को जाने के लिए खोला गया रास्ता
अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल की निजली मंजिल को सील कर दिया गया है, जबकि उसकी ऊपरी मंजिल को जाने वाले रास्ते को खुला रखा गया है, क्योंकि इसका इस्तेमाल आवासीय उद्देश्य के लिए किया जाता है। इस घटना के बाद से जिले के अन्य प्राइवेट अस्पताल में भी सख्ती अपनाई जा रही है।
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