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जिंदा बेटे का बनवा दिया डेथ सर्टिफिकेट, जमीन हथियाने के लिए मां ने ही रची साजिश; दादा ने खोली पोल

 Written By: Amar Deep
 Published : Aug 16, 2026 09:38 pm IST,  Updated : Aug 16, 2026 09:38 pm IST

यूपी के महोबा जिले में एक मां ने अपने जिंदा बेटे का ही डेथ सर्टिफिकेट बनावा डाला। मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्चे के दादा ने एसडीएम से इसकी शिकायत की। आरोप है कि बेटे के नाम दर्ज संपत्ति हथियाने के लिए मां ने अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची है।

मां ने जिंदा बेटे का बनवा दिया डेट सर्टिफिकेट।- India TV Hindi
मां ने जिंदा बेटे का बनवा दिया डेट सर्टिफिकेट। Image Source : REPORTER INPUT

महोबा में जमीन के लालच में जालसाजी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक मां पर आरोप है कि उसने अपने ही नाबालिग बेटे को मृत दिखाकर उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। आरोप है कि बेटे के नाम पिता द्वारा की गई जमीन की वसीयत को अपने नाम कराकर संपत्ति हड़पने के लिए यह पूरा खेल रचा गया। मामला सामने आने के बाद बच्चे के दादा ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है।

2020 में हुई थी पिता की मौत

मामला महोबा शहर के महतवाना मोहल्ले का है। यहां रहने वाले हरीश चौरसिया की वर्ष 2020 में बीमारी के चलते मौत हो गई थी। परिजनों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले हरीश ने अपनी जमीन की वसीयत अपने नाबालिग बेटे पुष्पराज के नाम कर दी थी। आरोप है कि इसी संपत्ति को लेकर पुष्पराज की मां रजनी चौरसिया ने जालसाजी करते हुए अपने जिंदा बेटे को मृत दिखा दिया। 

2019 में दिखा दी बेटे की मौत

शिकायतकर्ता के मुताबिक, पुष्पराज की मौत की तारीख 3 मार्च 2019 दर्शाई गई और करीब सात साल बाद 7 जनवरी 2026 को उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस बच्चे को सरकारी दस्तावेजों में मृत बताया गया, वह आज भी जीवित है और महोबा के एक निजी स्कूल में कक्षा एक में पढ़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर जमीन अपने नाम कराने के लिए तहसीलदार न्यायालय में विरासत का मुकदमा भी दाखिल किया गया था।

संपत्ति हड़पने के लिए रची साजिश

पुष्पराज के दादा कुंवर बहादुर का आरोप है कि उनके बेटे हरीश ने अपनी संपत्ति नाबालिग बेटे के नाम इसलिए की थी, ताकि उसकी संपत्ति सुरक्षित रह सके। उनका कहना है कि अब उसी संपत्ति को हासिल करने के लिए पोते को कागजों में मृत दिखाने की साजिश रची गई। परिजनों ने इस पूरे मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार का कहना है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता है। 

एसडीएम ने कही जांच की बात

इस पूरे विवाद में मामला एसडीएम महोबा के संज्ञान में पहुंचने के बाद अब प्रशासन ने जांच की बात कही है। एसडीएम के मुताबिक, मृत्यु प्रमाण पत्र नगर पालिका से जारी हुआ है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। (इनपुट- शांतनु सोनी)

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