उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में थाना टीला मोड़ पुलिस ने नवजात और दूधमुंहे बच्चों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सात आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। इनमें पांच पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। वहीं दो अन्य महिला आरोपी फरार हैं। पुलिस ने अपहृत तीन माह के मासूम को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस ने इन आरोपियों को अब तक किया है गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में ऐनुल पुत्र कबीरुद्दीन, नौशाद पुत्र रशीद, नागेंद्र उर्फ सुक्का पुत्र बर्दी प्रसाद, नसीम पुत्र वकील, आबिद पुत्र केशू, श्रीमती सुमिया पत्नी रामकुमार और रुखसार पत्नी नौशाद शामिल हैं। जबकि सितारा पत्नी सहजाद और मोसिना पत्नी नफीस, निवासी कांधला, जनपद शामली अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
11 अगस्त को बच्चे के अपहरण की दी गई थी पुलिस को सूचना
11 अगस्त को टीला मोड़ के करन गेट निवासी फुरकान ने अपने तीन माह के बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर 12 अगस्त को कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ कर अपहृत मासूम को सकुशल बरामद कर लिया।
निःसंतान दंपतियों को मोटी रकम लेकर बेचते थे
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे योजनाबद्ध तरीके से नवजात और दूधमुंहे बच्चों का अपहरण कर उन्हें निःसंतान दंपतियों को मोटी रकम लेकर बेचते थे। गिरोह की महिलाएं अस्पतालों और नवजात बच्चों वाले परिवारों की जानकारी जुटाती थीं। बच्चों की तस्वीरें व्हाट्सएप के माध्यम से साझा कर सौदा तय किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, अपहृत तीन माह के बच्चे को शामली ले जाकर बेचने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने गिरोह को दबोच लिया।
फरार महिला आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि फरार महिला आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को बड़ा मान रही है। लेकिन अब देखना ये होगा कि बचे हुए आरोपी कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं।
गाजियाबाद से जुबैर अख्तर की रिपोर्ट
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