अयोध्याः राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई खुलासे भी हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर परिसर में व्हीलचेयर चलाने वाले कई चालकों के पास आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। कई व्हीलचेयर ड्राइवर के पास चार पहिया वाहन हैं और आय से अधिक संपत्ति बना रही है। इसे देखते हुए अब व्हील चेयर चलने वाले चालकों की भी जांच की जाएगी।
आरोपियों के मोबाइल से मिले अहम सुराग
सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपियों के मोबाइल से अहम सुराग मिले हैं। आरोपियों के मोबाइल चैट से कई खुलासे हुए हैं। चोरी की रकम बंटवारे को लेकर आरोपियों की चैट के माध्यम से बातचीत होती थी। राम मंदिर परिसर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और डॉक्टर अनिल मिश्रा व गोपाल राव के हाथ में ही प्रबंध था। मंदिर व्यवस्थाओं का संचालन चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय करते हैं। डॉ अनिल मिश्रा के देख-देख में ही चढ़ावे का पैसा बैंक में जमा होता था।
चंपत राय ने टिन्नू और अनिल मिश्रा को दिया था फ्री हैंड
सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू यादव पर चंपत राय की असीम कृपा थी। मंदिर कर्मी टिन्नू अघोषित सरवराकार (सर्वे सर्वे ) मानते थे। टिन्नू यादव के भाई बलराम यादव के पास भी काउंटिंग रूम और बक्से की चाबियां होती थी। कैमरे पर न आते हुए एक पूर्व बतौर मंदिर कर्मी के मुताबिक टिन्नू यादव मंदिर के ‘सरवराकार’ थे। उनकी ही सभी कर्मियों पर चलती थी। टिन्नू यादव के सबसे ज्यादा पांच रिश्तेदार मंदिर परिसर में काम करते हैं। टिन्नू का सगा भाई, भतीजा, बहन और एक अन्य रिश्तेदार हैं।
चंपत राय ने टॉप लेवल पर अनिल मिश्रा तो ऑपरेशनल लेवल पर टिन्नू को फ़्री हैंड दिया था। ट्रस्ट केवल मंदिर में नहीं बल्कि राम नगरी में एक ‘पैरेलल सिस्टम’ चलाता है जिनके सामने यहां का प्रशासन नतमस्तक रहता है। यही कारण है कि ट्रस्ट का आदेश हुआ और पुलिस रेड पर निकल पड़ी, रिकवरी का माल ट्रस्ट के पदाधिकारियों के सामने ला कर रख दिया। SBI में अधिकारी भी अनिल मिश्रा के आदेश का पालन करते थे। कुछ अधिकारी तो उनके मकान में किरायेदार भी हैं। पूरा पुलिस महकमा टिन्नू के रसूख से वाकिफ है। वॉकी टॉकी पर आदेश और गाड़ियां/आदमी सब पास...।
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